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'लापता लड़की को ढूंढने के लिए डीजल नहीं...' नागपुर पुलिस की इस हरकत पर मचा बवाल, हुई कार्रवाई

नागपुर में एक पुलिस अधिकारी पर लापता नाबालिग लड़की की तलाश शुरू करने से पहले परिवार से डीजल के पैसे मांगने का आरोप लगा है. वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया और संबंधित अधिकारी को हटा दिया गया.

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Edited By: Babli Rautela
'लापता लड़की को ढूंढने के लिए डीजल नहीं...' नागपुर पुलिस की इस हरकत पर मचा बवाल, हुई कार्रवाई
Courtesy: Social Media

महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि एक लापता नाबालिग लड़की की तलाश शुरू करने से पहले पुलिस अधिकारी ने परिवार से डीजल के लिए पैसे मांगे. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में भारी गुस्सा फैल गया. मामला इतना बढ़ गया कि संबंधित पुलिस अधिकारी को हटाना पड़ा और अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. वीडियो में बाबूराव राउत नाम के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पीड़ित परिवार से बात करते हुए देखा गया. वीडियो में अधिकारी कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि पुलिस की गाड़ी में डीजल नहीं है और अगर परिवार उनकी बेटी को ढूंढना चाहता है तो पहले डीजल के लिए पैसे देने होंगे. यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई.

परिवार ने क्या आरोप लगाए

परिवार के अनुसार उनकी नाबालिग बेटी सोमवार सुबह से लापता थी. परेशान परिवार तुरंत मदद के लिए Panchpaoli Police Station पहुंचा. लेकिन परिवार का आरोप है कि वहां उन्हें संवेदनशील मदद मिलने की बजाय बेहद चौंकाने वाला जवाब मिला. उनका कहना है कि पुलिस ने पहले डीजल के पैसे की बात की. यह सुनने के बाद परिवार और आसपास के लोग हैरान रह गए.

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

जैसे ही वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ वैसे ही मामला राजनीतिक रंग लेने लगा. कांग्रेस नेता Vijay Wadettiwar ने वीडियो शेयर करते हुए महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह पूरी व्यवस्था के टूटने का संकेत है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति नागपुर जैसे शहर में कैसे हो सकती है, जो मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis का गृह नगर भी है.

विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि सरकार प्रचार और बड़े आयोजनों पर भारी खर्च कर रही है लेकिन पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी हो रही है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अब डीजल बचाना लापता लड़कियों को ढूंढने से ज्यादा जरूरी हो गया है. सोशल मीडिया पर भी लोगों ने पुलिस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं आम लोगों का भरोसा कमजोर करती हैं.