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India Daily

FBI की रडार पर भारतीय ठग: कल्पेश पटेल ने कैसे अमेरिका में रचा करोड़ों की धोखाधड़ी का खेल?

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने भारतीय नागरिक कल्पेश पटेल की तलाश शुरू की है. उस पर 2017 से 2021 के बीच कई लोगों से धोखाधड़ी कर बड़ी रकम ठगने का आरोप है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
FBI की रडार पर भारतीय ठग: कल्पेश पटेल ने कैसे अमेरिका में रचा करोड़ों की धोखाधड़ी का खेल?
Courtesy: @FBI

अमेरिका में एक भारतीय नागरिक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने कल्पेशकुमार रासिकभाई पटेल नाम के व्यक्ति की तलाश तेज कर दी है, जिस पर कई लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है. जांच एजेंसी के मुताबिक, पटेल ने एक संगठित साजिश के तहत लोगों को झांसा देकर उनसे बड़ी रकम हासिल की. फिलहाल उसकी लोकेशन को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं और आम लोगों से भी मदद मांगी गई है.

कौन है कल्पेशकुमार पटेल?

कल्पेशकुमार रासिकभाई पटेल भारतीय मूल का नागरिक है, जिसे अमेरिका में मेल और वायर फ्रॉड साजिश के मामले में आरोपी बनाया गया है. एफबीआई के अनुसार वह ‘केनी’, ‘मेको’ और ‘कल्पेश पटेल’ जैसे नामों से भी जाना जाता है. बताया जाता है कि वह पहले एक पेट्रोल पंप पर काम करता था. 22 जून 2023 को केंटकी की एक अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.

कैसे चलता था धोखाधड़ी की चाल

जांच में सामने आया है कि पटेल 2017 से 2021 के बीच एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था. इस दौरान उसने कई लोगों को फोन के जरिए संपर्क कर उन्हें डराया-धमकाया और यह यकीन दिलाया कि उनकी पहचान आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी है. इस डर का फायदा उठाकर उनसे नकद रकम और प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे.

पीड़ितों को कैसे बनाया निशाना

एफबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों को इस तरह से भ्रमित किया कि वे खुद ही पैसे भेजने के लिए तैयार हो गए. कई मामलों में पीड़ितों को सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर धमकाया गया. उन्हें बताया गया कि यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है. इस तरह लोगों से बड़ी रकम ठगी गई और अलग-अलग पते पर मंगवाई गई.

एफबीआई की अपील और जांच जारी

एफबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को कल्पेश पटेल के बारे में जानकारी हो तो वह तुरंत नजदीकी एजेंसी या अमेरिकी दूतावास से संपर्क करे. एजेंसी का कहना है कि यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के और भी कनेक्शन सामने आ सकते हैं.