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ट्रेन में चिप्स बिखरे तो पिता ने खुद नहीं उठाए, 2 साल के बेटे से सफाई करवाई; वायरल वीडियो देख लोग कर रहें तारीफ

ट्रैवल व्लॉगर दीपक सामल का दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है. ट्रेन में उनके 2 साल के बेटे ने खेलते हुए चिप्स फर्श पर बिखेर दिए.

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Edited By: Reepu Kumari
ट्रेन में चिप्स बिखरे तो पिता ने खुद नहीं उठाए, 2 साल के बेटे से सफाई करवाई; वायरल वीडियो देख लोग कर रहें तारीफ
Courtesy: Instagram-travelwithsamalvlog

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर रोज हजारों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो सिर्फ हंसाते-गुदगुदाते नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर कर देते हैं. ट्रैवल व्लॉगर दीपक सामल का एक ऐसा ही वीडियो इन दिनों छाया हुआ है. भारतीय रेलवे की यात्रा के दौरान उनके छोटे बेटे की मासूम हरकत को उन्होंने एक बड़े जीवन सबक में बदल दिया. कोई चिल्लाना नहीं, कोई डांट-फटकार नहीं-बस शांत तरीके से जिम्मेदारी सिखाई. यह वीडियो देखकर लगता है कि छोटी-छोटी बातों से ही समाज बदल सकता है, और स्वच्छ भारत का सपना घर-घर से पूरा हो सकता है. 

छोटी सी हरकत, बड़ा बदलाव

ट्रेन चल रही थी, खिड़की से बाहर के नजारे मजेदार लग रहे थे. कोच साफ-सुथरा था. दीपक सामल अपने 2 साल के बेटे के साथ बैठे थे. बच्चा चिप्स खाते-खाते खेल रहा था, लेकिन अचानक सारे चिप्स फर्श पर बिखर गए. आसपास कोई गंदगी नहीं थी, लेकिन अब हो गई. दीपक के मन में आया कि बस झुककर खुद साफ कर दूं—कुछ सेकंड का काम. लेकिन उन्होंने सोचा, अगर आज मैं कर दूंगा तो कल बच्चा क्या सीखेगा? उन्होंने रुककर फैसला किया कि यह मौका सबक सिखाने का है. 

वीडियो में क्या है?

वीडियो करीब 2 मिनट लंबा है. शुरू में ट्रेन का इंटीरियर दिखता है-साफ कोच, बाहर गुजरते नजारे. फिर बच्चा चिप्स खाता है और बिखेर देता है. दीपक शांत बैठे हैं. वो बच्चे से बात करते हैं, समझाते हैं. बच्चा पहले देखता है, फिर धीरे-धीरे काम शुरू करता है. हर चिप्स उठाने के साथ उसका चेहरा सीरियस लेकिन मासूम. बैकग्राउंड में ट्रेन की आवाज, कोई म्यूजिक नहीं-सिर्फ रियल मोमेंट. अंत में बच्चा काम पूरा करके मुस्कुराता है. पूरा वीडियो इतना पॉजिटिव और इंस्पायरिंग है कि बार-बार देखने का मन करता है.

वीडियो में क्या है?

वीडियो में दीपक बच्चे के पास घुटनों के बल बैठे हैं. बच्चा पहले थोड़ा हैरान-परेशान दिखता है. दीपक प्यार से पूछते हैं, 'ये गंदगी कौन साफ करेगा?' फिर समझाते हैं, 'ये हमारा घर नहीं, लेकिन ट्रेन हम सबकी है. हम गंदगी फैलाते हैं तो किसी और को साफ करना पड़ता है.' बच्चा चुप रहता है, फिर धीरे-धीरे झुकता है. छोटे हाथों से एक-एक चिप्स उठाता है और ट्रे पर रखता जाता है. कोई जोर-जबरदस्ती नहीं, बस मार्गदर्शन. पूरा सीन इतना रियल और इमोशनल है कि देखकर आंखें नम हो जाती हैं. 

नेटिजन्स की अलग-अलग राय

वीडियो पोस्ट होते ही धूम मच गई. अब तक 20 लाख से ज्यादा व्यूज, हजारों कमेंट्स. लोग लिख रहे हैं, 'यह असली पेरेंटिंग है', 'हर मां-बाप को ऐसा करना चाहिए', 'भारत में स्वच्छता इसी तरह आएगी'. एक यूजर ने कहा, 'आपके लिए मुश्किल रहा होगा, लेकिन भविष्य इसी से बनता है.' दूसरे ने लिखा, 'अपना कचरा, अपनी जिम्मेदारी-यह बेसिक बात ज्यादातर में नहीं है.' तीसरे ने कहा, 'गर्व है ऐसे पिता पर.' सब एक सुर में कह रहे हैं कि ऐसे पल समाज बदल देंगे. हालांकि कुछ लोग इसे गलत भी ठहरा रहे हैं. कई यूजर्स की मानें तो इससे बच्चे के कोमल मन पर असर पड़ सकता है. बच्चो को बच्चों की भाषा में ही समझाना और सही सीख देना बेहतर होता है. सीख देने के चक्कर में कहीं बुरा ट्रॉमा ना दे जाएं आप. 

साझा जिम्मेदारी का मैसेज

दीपक ने कैप्शन में लिखा कि सुविधा कभी-कभी अच्छे सबक छीन लेती है. भारतीय रेलवे में रोज करोड़ों लोग सफर करते हैं. ट्रेन साफ रखना सिर्फ सफाई वाले का काम नहीं-यह हम सबका फर्ज है. वीडियो सिर्फ पिता-बेटे की कहानी नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है. अगर हर घर में बच्चे को छोटी उम्र से जिम्मेदारी सिखाई जाए, तो सार्वजनिक जगहें साफ रहेंगी. यह वायरल क्लिप बताती है कि बदलाव बड़े नारों से नहीं, रोजमर्रा के पलों से आता है.