menu-icon
India Daily

Petrol-Diesel Price Today: क्रूड ऑयल हुआ सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल ने नहीं दी राहत; चेक करें ताजा रिपोर्ट

कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह 10 प्रतिशत से अधिक गिरावट देखने को मिली, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं की गई.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
Petrol-Diesel Price Today: क्रूड ऑयल हुआ सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल ने नहीं दी राहत; चेक करें ताजा रिपोर्ट
Courtesy: Pinterest

Petrol-Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार से राहत भरी खबर आने के बावजूद देश के वाहन चालकों को फिलहाल कोई फायदा मिलता नहीं दिख रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई कटौती नहीं की गई है.

रविवार, 31 मई 2026 को जारी ताजा दरों के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों को यथावत रखा है. ऐसे में आम लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि वैश्विक बाजार में आई नरमी का असर घरेलू कीमतों पर कब दिखाई देगा.

कच्चे तेल में गिरावट, लेकिन राहत अब भी दूर

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह 10 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. आम तौर पर क्रूड सस्ता होने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद बढ़ जाती है, लेकिन फिलहाल तेल कंपनियों ने कोई नया फैसला नहीं लिया है.

मई में कई बार बढ़े थे ईंधन के दाम

मई 2026 के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली. 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को कंपनियों ने अलग-अलग चरणों में कीमतें बढ़ाईं. इन बढ़ोतरी के बाद दिल्ली समेत कई शहरों में ईंधन की कीमतें पहले की तुलना में काफी ऊपर पहुंच गईं.

राजधानी दिल्ली में क्या है ताजा भाव

सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है. रविवार को जारी नई सूची में दोनों ईंधनों की दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया.

महानगरों में भी ऊंचे स्तर पर कायम हैं कीमतें

कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है, जबकि डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. अन्य महानगरों में भी उपभोक्ताओं को राहत का इंतजार है.

तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव की चर्चा

एक अनुमान के अनुसार कच्चे तेल की ऊंची लागत के कारण सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल की बिक्री पर प्रतिदिन भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है. यही वजह मानी जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद घरेलू कीमतों में तत्काल बदलाव नहीं किया गया है.