नई दिल्ली: ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच हुई बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वीडियो में एक महिला गोद में बच्चे को लिए दिखाई देती है, जबकि ट्रेन अटेंडेंट उसके बैग की जांच करने पर जोर देता है. बैग खुलने के बाद उसमें रेलवे की पैक्ड चादरें दिखाई देती हैं. इसके बाद महिला और अटेंडेंट के बीच बहस शुरू हो जाती है और मामला कैमरे में रिकॉर्ड हो जाता है.
वीडियो में महिला कथित तौर पर दावा करती है कि TTE ने उनसे अतिरिक्त रकम ली थी, इसलिए उन्होंने चादर अपने पास रख ली. इस पर अटेंडेंट सवाल करता है कि अगर अतिरिक्त पैसे लिए गए थे तो रेलवे की चादर ले जाने की वजह क्या है. महिला भी पीछे हटने के बजाय बहस करती नजर आती है. वीडियो में दोनों पक्षों के बीच बातचीत लगातार तीखी होती दिखाई देती है, जबकि आसपास मौजूद लोग पूरा घटनाक्रम देखते रहते हैं.
वीडियो को इंस्टाग्राम पर @yatrawalavishal नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. इसमें ट्रेन अटेंडेंट महिला से बैग खोलने के लिए कहता है. महिला पहले इसे फालतू का ड्रामा बताती नजर आती है. इसके बाद बैग खुलने पर भूरे कागज के पैकेट में सफेद चादरें दिखाई देती हैं. अटेंडेंट इस पर सवाल करता है. महिला कथित तौर पर कहती है कि TTE ने उनसे अतिरिक्त अमाउंट लिया था, इसलिए उन्होंने चादर रख ली.
एसी कोच में यात्रियों को यात्रा के दौरान बेडरोल की सुविधा दी जाती है, जिसमें चादर, कंबल, तकिया और तौलिया जैसी चीजें शामिल होती हैं. यात्रा पूरी होने के बाद इन्हें रेलवे को वापस किया जाना होता है. रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या चोरी करने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रेलवे की संपत्ति से जुड़े मामलों में दोष सिद्ध होने पर जुर्माना या जेल की सजा का प्रावधान है.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने महिला के व्यवहार को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोगों ने इसे चोरी के बाद बहस करने का मामला बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने TTE पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क के आरोप की जांच की बात कही. कई कमेंट्स में लोगों ने कहा कि किसी गलत काम का जवाब दूसरे गलत तरीके से नहीं दिया जा सकता. कुछ यूजर्स ने पूरे घटनाक्रम को मजाकिया अंदाज में भी लिया और इसे ‘चोरी और सीनाजोरी’ बताया.