नई दिल्ली: रूस के इतिहास में कैथरीन द्वितीय यानी कैथरीन द ग्रेट का नाम बेहद प्रभावशाली शासकों में लिया जाता है. वह विदेशी राजकुमारी के रूप में रूस पहुंचीं, लेकिन आगे चलकर देश की सबसे ताकतवर महिला शासकों में शामिल हुईं. उनकी जिंदगी सत्ता, राजनीति, साजिश और निजी रिश्तों की वजह से हमेशा चर्चा में रही.
कैथरीन का जन्म 1729 में सोफी वॉन अनहाल्ट-जरब्स्ट के नाम से हुआ था. उनका जन्म उस क्षेत्र में हुआ था, जो आज पोलैंड का हिस्सा है. उनके पिता एक छोटे जर्मन राजकुमार थे. 15 साल की उम्र में उन्हें रूस की महारानी एलिजाबेथ ने अपने भतीजे ग्रैंड ड्यूक पीटर से शादी के लिए रूस बुलाया था.
रूस पहुंचने के बाद सोफी ने रूसी ऑर्थोडॉक्स धर्म अपनाया और अपना नाम बदलकर कैथरीन रख लिया. 21 अगस्त 1745 को उनकी शादी पीटर से हुई. हालांकि दोनों का वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं रहा. दोनों के बीच तनाव और दूसरे लोगों से संबंधों की चर्चाएं भी सामने आती रहीं.
1762 में महारानी एलिजाबेथ की मौत के बाद पीटर तृतीय रूस का सम्राट बना. लेकिन उसके शासन और नीतियों से कई लोग नाराज थे. कैथरीन ने इसी राजनीतिक माहौल का फायदा उठाया. उन्होंने सेना के कुछ प्रभावशाली लोगों का समर्थन हासिल किया और अपने करीबी ग्रिगोरी ओर्लोव की मदद से सत्ता परिवर्तन की योजना बनाई.
जुलाई 1762 में कैथरीन ने खुद को रूस की शासक घोषित कर दिया. पीटर को गद्दी छोड़नी पड़ी. इसके कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई. उसकी मौत को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे और कैथरीन के समर्थकों की भूमिका पर भी चर्चा होती रही.
कैथरीन द ग्रेट की निजी जिंदगी भी इतिहास में खूब चर्चित रही. अलग अलग स्रोतों में उनके प्रेम संबंधों की संख्या अलग बताई गई है. लोकप्रिय इतिहास में उनके 20 से ज्यादा प्रेमियों का जिक्र मिलता है. उनके कई करीबी लोगों को रिश्ता खत्म होने के बाद भी जमीन, महल, पद और दूसरी संपत्तियां मिलने की बात इतिहास में दर्ज है.
उनके चर्चित संबंधों में ग्रिगोरी ओर्लोव और स्टानिस्लाव पोनियातोव्स्की के नाम शामिल हैं. पोनियातोव्स्की के साथ कैथरीन के संबंध उस समय बने, जब वह अभी रूस की महारानी नहीं बनी थीं. बाद में कैथरीन ने उन्हें पोलैंड का राजा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
हालांकि दोनों के राजनीतिक हित बाद में अलग हो गए. रूस ने आगे चलकर पोलैंड के विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कैथरीन की विदेश नीति की ताकत भी सामने आई.
कैथरीन ने करीब 34 साल तक रूस पर शासन किया. उनके शासनकाल में रूस का क्षेत्रीय विस्तार हुआ और यूरोप की राजनीति में देश का प्रभाव बढ़ा. वह शिक्षा, प्रशासन और संस्कृति से जुड़े सुधारों के लिए भी जानी जाती हैं, हालांकि उनके शासन में कठोर सत्ता नियंत्रण और सामाजिक असमानता भी बनी रही.