बीजिंग में चल रहे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में तकनीक के प्रदर्शन के साथ एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला, जिसने सबको चौंका दिया. वेटलिफ्टिंग फाइनल के दौरान एक रोबोट भारी वजन उठाने की कोशिश में अपना संतुलन खो बैठा और सीधे जजों की ओर जा गिरा. घटना का वीडियो सामने आने के बाद तेजी से चर्चा में है. हालांकि, इस हादसे के बीच एक रोबोट ने 16 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता का पहला गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया.
भारोत्तोलन मुकाबले के दौरान रोबोट ने वजन उठाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया. मशीन संभल नहीं सकी और जजों के पैनल से जा टकराई. घटना के बाद रोबोट को स्ट्रेचर की मदद से वहां से हटाया गया. इस वर्ग में मशीनों की ताकत के साथ उनके संतुलन, जोड़ों की क्षमता और भारी वजन उठाते समय स्थिर रहने की क्षमता को परखा जाता है.
This robot buckled under the weight.
— clankr (@clankrmedia) August 24, 2026
Then started spamming errors. pic.twitter.com/JQpxX9g3vm
हादसे के बावजूद प्रतियोगिता रुकी नहीं. बीजिंग ह्यूमनॉइड-एचयूएसटी टीम के एक रोबोट ने 16 किलोग्राम का बारबेल सफलतापूर्वक उठाया और भारोत्तोलन स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक जीत लिया. दूसरे संस्करण के इन खेलों में 16 देशों के 2,000 से ज्यादा रोबोट हिस्सा ले रहे हैं. कुल 51 प्रतियोगिताओं के जरिए मशीनों की अलग-अलग क्षमताओं को परखा जा रहा है.
इन खेलों में रोबोटों ने सिर्फ ताकत ही नहीं, बल्कि रफ्तार में भी अपनी क्षमता दिखाई है. तियांगोंग अल्ट्रा ने 100 मीटर दौड़ 9.39 सेकंड में पूरी की. इस प्रदर्शन के साथ उसने उसेन बोल्ट के 9.58 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड से बेहतर समय दर्ज किया. दौड़ में शुरुआत में पीछे रहने के बावजूद तियांगोंग अल्ट्रा ने अंतिम हिस्से में बढ़त बनाकर मुकाबला जीत लिया.
पिछले साल से काफी तेज हुआ प्रदर्शन
तियांगोंग अल्ट्रा का इस बार का प्रदर्शन पिछले संस्करण की तुलना में काफी बेहतर रहा. पिछले साल उसने 100 मीटर दौड़ पूरी करने में 21.50 सेकंड लिए थे, जबकि इस बार समय घटकर 9.39 सेकंड रह गया. वहीं ऑनर का लाइटनिंग रोबोट 9.47 सेकंड में दौड़ा. बीजिंग में हो रहे ये खेल रोबोट तकनीक की बढ़ती क्षमता के साथ उसके सामने मौजूद चुनौतियों की भी झलक दिखा रहे हैं.