बेंगलुरु: बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी के तहत पश्चिमी घाट में ट्रेन की टेस्टिंग की जा रही है. इसी दौरान घने जंगलों, पहाड़ों और हरियाली के बीच दौड़ती वंदे भारत ट्रेन का खूबसूरत वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में ट्रेन पश्चिमी घाट की हरी भरी वादियों के बीच से गुजरती दिखाई दे रही है.
दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसुरु मंडल की ओर से बेंगलुरु मंगलुरु रेल मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की व्यवहार्यता जांची जा रही है. इसके लिए सकलेशपुर सुब्रह्मण्य रोड घाट खंड में टेस्टिंग की जा रही है. यह रेल सेक्शन अपने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र के लिए जाना जाता है.
Where Nature Meets Modern Technology!
— Dr.Mukesh Rathwa (@imukeshrathwa) August 25, 2026
A Vande Bharat glides through an endless ocean of green, winding through the landscape, disappearing into the mist and emerging again.#VandeBharatExpress pic.twitter.com/axU4FjtBYF
बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच रेल सेवा को तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में यह परीक्षण अहम माना जा रहा है. पश्चिमी घाट का यह हिस्सा घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और घुमावदार रेल लाइन के कारण चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में यहां वंदे भारत के संचालन की व्यवहार्यता जांचना रेलवे के लिए महत्वपूर्ण कदम है.
मानसून के दौरान पश्चिमी घाट का प्राकृतिक सौंदर्य और भी बढ़ जाता है. पहाड़ों पर हरियाली, घने जंगल और बारिश के बीच गुजरती ट्रेन का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है. यही वजह है कि टेस्टिंग के दौरान वंदे भारत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं.
अगर घाट सेक्शन में वंदे भारत की टेस्टिंग सफल रहती है, तो बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच इस ट्रेन के नियमित संचालन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. इससे दोनों शहरों के बीच तेज, आरामदायक और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
वंदे भारत सेवा शुरू होने से यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलने के साथ समय की भी बचत हो सकती है. हालांकि, नियमित सेवा शुरू होने की अंतिम तस्वीर परीक्षण और रेलवे की आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी.
इस संभावित रेल सेवा की सबसे खास बात सिर्फ ट्रेन की रफ्तार और सुविधाएं नहीं होंगी. यात्रियों को पश्चिमी घाट के पहाड़ों, जंगलों और हरियाली के बीच सफर करने का अनोखा अनुभव भी मिल सकता है.
मानसून के दौरान इस रेल मार्ग पर बादलों से ढके पहाड़ और हरियाली यात्रियों के सफर को और खास बना सकते हैं. यही कारण है कि प्रस्तावित वंदे भारत सेवा को लेकर यात्रियों और सोशल मीडिया यूजर्स में काफी उत्सुकता दिखाई दे रही है.
बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच वंदे भारत का संचालन शुरू होने पर यह रेल सेवा कर्नाटक के दो प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ पश्चिमी घाट की प्राकृतिक खूबसूरती का शानदार अनुभव भी दे सकती है. फिलहाल सभी की नजरें चल रही टेस्टिंग के नतीजों और आगे के रेलवे फैसले पर टिकी हैं.