बेंगलुरु: रविवार रात बेंगलुरु की जयदेव जंक्शन से बीटीएम लेआउट के बीच की व्यस्त सड़क पर तीन युवा डॉक्टरों ने अपनी मौज-मस्ती का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. एक स्कूटी पर तीनों सवार, बिना हेलमेट के, लहराते हुए गाड़ी चलाते और बीच में एक हाथ में बीयर की बोतल पकड़े खुलेआम पीता हुआ नजर आ रहा था. भारी ट्रैफिक के बीच यह लापरवाही न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन थी, बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रही थी.
जब वीडियो वायरल हुआ तो मीको लेआउट पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. तीनों डॉक्टरों की पहचान कर उन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया गया. बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. यह घटना उन लोगों के लिए सबक बन गई है जो पढ़े-लिखे और जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रख देते हैं.
वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार स्कूटी चला रहे व्यक्ति सड़क पर टेढ़े-मेढ़े घुमाव ले रहा है. पीछे बैठा व्यक्ति बीयर की बोतल हाथ में लिए सबके सामने पी रहा है. तीनों बिना हेलमेट के थे और ट्रैफिक के बीच यह सवारी कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक यह न सिर्फ यातायात नियम तोड़ना था, बल्कि सार्वजनिक जगह पर शराब पीना भी शामिल था.
License to Kill? Drunk triple riders on BTM Road, #Bengaluru treat roads like a playground—no helmets, beer bottle in hand, pillion openly drinking & gesturing wildly. Reckless, illegal & deadly. Time for strict action! pic.twitter.com/0rv45XgAIA
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) March 22, 2026Also Read
अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों ऑर्थोपेडिक डॉक्टर हैं. स्कूटी चला रहे धनुष एस चिक्कबनवारा के सप्तगिरि मेडिकल कॉलेज से जुड़े हैं. अपूर्वा वैदेही अस्पताल में काम करती हैं, जबकि अविनाश रामनगर जिले के चामुंडेश्वरी मेडिकल कॉलेज से संबंधित हैं. तीनों की उम्र करीब 30 साल के आसपास बताई जा रही है.
मीको लेआउट पुलिस स्टेशन में तीनों को सोमवार को लाया गया. उन पर तीन लोगों के एक वाहन पर सवार होने, लापरवाही से वाहन चलाने, बिना हेलमेट के सवारी करने और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के आरोप लगाए गए. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक पुलिस अधिनियम और यातायात नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया. बाद में उन्हें जमानत मिल गई.
पुलिस ने कहा कि व्यस्त इलाके में इस तरह की लापरवाही न सिर्फ खुद को बल्कि दूसरे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए भी बड़ा खतरा थी. भारी ट्रैफिक में टेढ़ी गाड़ी चलाना और शराब पीना दोनों ही गंभीर मुद्दे हैं. अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है ताकि दूसरों को सबक मिले.