Tax Deducted at Source: नौकरी पेशा वाले लोगों की सैलरी से हर महीने एंप्लॉयर द्वारा आयकर अधिनियम 1961 की धारा 192 के तहत टीडीएस काटा जाता है. टैक्स स्लैब के अनुसार सैलरी पर 10 से 30 प्रतिशत तक टीडीएस काटी जाती है. कर्मचारी के वेतन पर आय कर की 'औसत दर' पर टीडीएस काटी जाती है.
सैलरी पर टीडीएस की गणना कर्मचारी की सालाना आय से छूट की राशि को घटाकर की जाती है. वेतन पर टीडीएस की गणना के समय नियोक्ता को छूट राशि स्वीकृत करने से पहले कर्मचारी से प्रमाण और घोषणा प्राप्त करना होता है. टीडीएस कैलकुलेट करने का फॉर्मूला है: औसत आयकर दर = देय आयकर (स्लैब रेट से होती है गणना) को वित्तीय वर्ष के लिए कर्मचारी की अनुमानित आय से डिवाइड किया जाता है.
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कर्मचारियों को मिलने वाली हर महीने की सैलरी से टीडीएस काटा जाता है. अगर आपका एंप्लॉयर किसी महीने टीडीएस नहीं काटता है तो ऐसी स्थिति में नियोक्ता ही जुर्माना और ब्याज का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होता है.
अगर आपका इनकम टैक्सेबल नहीं है तो हर वित्त वर्ष के बाद आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आईटीआर फाइल कर आप अपना टीडीएस क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा. इसके बाद यहां लॉग इन करें. इसके बाद आईटीआर फाईल करें. आईटीआर फाइल करने के बाद OTP डालकर ई-सत्यापित करें.
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