त्योहारों का मौसम शुरू होते ही घरों में रसोई का काम भी बढ़ जाता है. पकवान, मिठाइयां और दूसरी खाने-पीने की चीजें बनाने में सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा LPG खर्च हो सकती है. ऐसे में अगर खाना बनाते समय अचानक सिलेंडर खत्म हो जाए तो परेशानी बढ़ सकती है. खासकर तब जब घर में मेहमान आए हों या त्योहार की तैयारी चल रही हो.
हाल ही में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में रसोई गैस का इस्तेमाल समझदारी से करना जरूरी हो जाता है. अगर आपको पहले से पता हो कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है, तो समय रहते नया सिलेंडर बुक किया जा सकता है और अचानक गैस खत्म होने की परेशानी से बचा जा सकता है.
सिलेंडर में बची LPG का अंदाजा लगाने के लिए पानी वाली ट्रिक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए एक मग या गिलास में पानी लेकर सिलेंडर की बाहरी सतह पर ऊपर से नीचे तक धीरे-धीरे डालें. कुछ सेकंड बाद सिलेंडर की सतह को हाथ से ऊपर से नीचे तक महसूस करें.
सिलेंडर का जिस हिस्से में तापमान अपेक्षाकृत कम महसूस हो, वहां तक LPG होने का अनुमान लगाया जाता है. इसकी वजह यह है कि सिलेंडर के अंदर मौजूद लिक्विड LPG गर्मी को सोखती है, जिससे बाहरी सतह के तापमान में अंतर महसूस हो सकता है. अगर ठंडा हिस्सा काफी नीचे तक ही है, तो सिलेंडर में गैस कम होने का संकेत मिल सकता है. हालांकि यह तरीका गैस की सटीक मात्रा नहीं बताता. इसे केवल अनुमान लगाने के तरीके के तौर पर इस्तेमाल करना बेहतर है.
सिलेंडर में मौजूद LPG की मात्रा का अनुमान लगाने का एक बेहतर तरीका उसका वजन करना है. हर LPG सिलेंडर पर उसका खाली वजन यानी टेयर वेट लिखा होता है. अगर घर में वजन करने वाली मशीन उपलब्ध है तो सिलेंडर का कुल वजन चेक किया जा सकता है.
इसके बाद सिलेंडर के कुल वजन में से टेयर वेट घटा दें. जो वजन बचेगा, वह सिलेंडर में मौजूद LPG के वजन का लगभग अनुमान देगा. उदाहरण के लिए अगर सिलेंडर का कुल वजन 28.5 किलो है और उसका टेयर वेट 15.5 किलो लिखा है, तो करीब 13 किलो LPG होने का अनुमान लगाया जा सकता है.
गैस कम होने पर कई बार चूल्हे की लौ में भी बदलाव दिखाई दे सकता है. अगर पहले के मुकाबले लौ कमजोर लग रही है या खाना पकने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है, तो सिलेंडर में गैस कम होने का संकेत हो सकता है. हालांकि केवल लौ देखकर LPG की मात्रा का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता. बर्नर में गंदगी, गैस सप्लाई या दूसरी तकनीकी समस्या की वजह से भी लौ कमजोर हो सकती है. इसलिए लौ में बदलाव दिखाई देने पर दूसरे तरीके से भी सिलेंडर की स्थिति जांच लेना बेहतर है.
त्योहारों के दौरान गैस की खपत बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए सिलेंडर पूरी तरह खत्म होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही उसकी स्थिति का अंदाजा लगा लेना समझदारी है. इससे जरूरत के समय गैस खत्म होने की परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है.