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FASTag Rule Change: दिव्यांगजनों के लिए राहत, बदल गया फास्टैग से जुड़ा ये नियम; अभी जान लें

सरकार ने दिव्यांग लोगों को टोल पर मिलने वाली छूट वाले फास्टैग के नियम बदल दिए हैं. 2 अक्टूबर 2026 से नए नियम लागू हो जाएंगे.

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Edited By: Reepu Kumari
FASTag Rule Change: दिव्यांगजनों के लिए राहत, बदल गया फास्टैग से जुड़ा ये नियम; अभी जान लें
Courtesy: ChatGPT

देश के दिव्यांग लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई है. सरकार ने टोल पर छूट देने वाले फास्टैग के नियमों में बदलाव कर दिया है. इससे अब बार-बार कागज बनवाने का झंझट खत्म हो जाएगा. सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया कि यह नया नियम 2 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू होगा. सरकार का कहना है कि इस बदलाव से एक जैसा नियम पूरे देश में लागू होगा. साथ ही लोगों को बार-बार कागजी काम से छुट्टी मिलेगी. पहले दिव्यांग लोगों को हर साल अपना छूट वाला फास्टैग दोबारा बनवाना पड़ता था, जिससे उन्हें बहुत दिक्कत होती थी.

दिव्यांगता के कार्ड से मिलेगी छूट

नए नियम के मुताबिक जो वाहन खास तौर पर दिव्यांग लोगों के लिए बनाए गए हैं, या जो वाहन दिव्यांग के नाम पर रजिस्टर हैं, उन्हें दिव्यांगता कितनी है, इसके हिसाब से फास्टैग मिलेगा. इसके लिए दिव्यांगता का सर्टिफिकेट या यूडीआईडी कार्ड दिखाना होगा. इससे पूरा काम साफ-सुथरे तरीके से होगा.

अब सालों तक नहीं बनवाना पड़ेगा नया फास्टैग

नए नियम के अनुसार जिन लोगों की दिव्यांगता 70 से 100 प्रतिशत तक है, उनका फास्टैग पूरे 5 साल तक चलेगा. वहीं जिन लोगों की दिव्यांगता 40 से 70 प्रतिशत के बीच है, उनका फास्टैग 3 साल तक चलेगा. इतना समय पूरा होने के बाद लोग नियम के हिसाब से दोबारा फास्टैग बनवा सकेंगे.

सरकार ने बताई बदलाव की वजह

सरकार ने कहा है कि इस नए नियम से टोल की पूरी व्यवस्था दिव्यांग लोगों के लिए आसान और साफ-सुथरी बनेगी. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि छूट सिर्फ उन्हीं लोगों को मिले, जो असल में इसके हकदार हैं. इससे गलत तरीके से छूट लेने के मामले भी रुकेंगे.

फास्टैग का सालाना पास भी बना पसंदीदा

सरकार ने यह भी बताया कि पिछले साल 15 अगस्त को शुरू किया गया फास्टैग का सालाना पास अब एक करोड़ से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. यह पास सिर्फ निजी गाड़ियों के लिए है. इसे राजमार्ग यात्रा ऐप से सिर्फ 3,075 रुपए देकर चालू किया जा सकता है. इसके बाद एक साल तक या 200 बार टोल पार करने तक बार-बार फास्टैग में पैसे डालने की जरूरत नहीं पड़ती.