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RBI के डिविडेंड से मालामाल हो जाएगी सरकार, जानिए रिजर्व बैंक के पास कहां से आता है इतना पैसा

RBI News: लोकसभा चुनाव के दौरान ही RBI ने केंद्र सरकार को बड़ा तोहफा दिया है. रिजर्व बैंक ने सरकार के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बतौर डिविडेंड देने का ऐलान किया है. ये पैसा सरकार के खाते में जल्द ट्रांसफर किए जाएंगे.

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RBI के डिविडेंड से मालामाल हो जाएगी सरकार, जानिए रिजर्व बैंक के पास कहां से आता है इतना पैसा
Courtesy: rbi website

RBI News: देश में लोकसभा चुनाव के 5 चरण पूरे हो गए हैं. यानी अब इलेक्शन अपने आखिरी चरणों में है. इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार के लिए बड़े तोहफे का ऐलान किया है.RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय निदेशक मंडल की 608वीं बैठक में सरकार को डिविडेंड यानी लाभांश देने का फैसला हुआ है. इसके अनुसार रिजर्व बैंक 2.11 लाख करोड़ रुपये सरकार को देगी. आइये जानें रिजर्व बैंक को ये इनकम होती कहां से है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्र सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंट को मंजूरी दी है. इसके अनुसार RBI 2022-23 में दिए डिविडेंड 87,416 करोड़ रुपये से लगभग दोगुनी राशि 2023-24 के लिए देने वाली है.

RBI क्यों देती है पैसे ?

रिजर्व बैंक कई सोर्स से कमाई करता है. इसकी एक बैलेंस शीट बनाई जाती है. साल के आखिरी में बैंक के पास जो भी कमाई हुई होती है. इसमें से RBI को एक बड़ा हिस्सा सरकार को देना पड़ता है. इसे सरकार अपने कामों और खर्चों के लिए उपयोग करती है.

कहां से आता है इतना पैसा

रिजर्व बैंक की कमाई के कई जरिए होते हैं. ये किसी अन्य संस्थाओं के मुकाबले कम लागत पर ज्यादा कमाई का होता है. RBI के खर्च बाकी किसी भी संस्था के मुकाबले कम होते हैं. ऐसे में बैंक साल के अंत में अपने पास बचे पैसों से खर्च निकालकर बड़ा हिस्सा सरकार को दे देती है.

- रिजर्व बैंक को होने वाली कमाई मुख्य रूप से करेंसी की छपाई है. करेंसी को छापने में जितना खर्च आता है, उस करेंसी की वैल्यू उससे ज्यादा होती है. ये अंतर जितना होता है उतना RBI की कमाई है.

- RBI कमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है. उसके बदले में उसे ब्याज मिलता है.

- रिजर्व बैंक के कमाई का एक जरिया सरकारी बॉन्ड की खरीद-फरोख्त से भी है.

- रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा भंडार से फॉरेन एक्सचेंज में भी मोटी कमाई होती है. रिजर्व बैंक की बैलेंस शीट में करीब 70 फीसदी हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट का है.