PPF Interest Rate: पीपीएफ में निवेश करने वालों को जल्द ही बड़ी सौगात मिल सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 30 सितंबर को वित्त मंत्रालय की ओर से छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा की जाएगी. खबरों की मानें तो केंद्र सरकार की ओर से बचत योजना की ब्याज दर में बढ़ोतरी का ऐलान किया जा सकता है. इससे पहले 30 जून 2023 को जब जुलाई से सितंबर तक के लिए ब्याज दरों की समीक्षा की गई थी तब सिर्फ एक और दो साल की अवधि वाली पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट स्कीमों के ब्याज दरों में 10 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 5 साल के रेकरिंग डिपॉजिट पर ब्याज दर को बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया था.
इससे पहले जब भारतीय रिजर्व बैंक ने मई 2022 से फरवरी 2023 तक रेपो रेट में 2.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी तब बैंकों की ओर से डिपॉजिट्स पर ब्याज दर बढ़ाई गई थी. हालांकि, इस दौरान भी सरकार की ओर से पीपीएफ के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आपको बताते चलें, मौजूदा समय में सरकार की बचत योजनाओं में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 7.70 फीसदी, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है. वहीं, 115 महीने की मैच्योरिटी अवधि वाले किसान विकास पत्र पर सालाना 7.5 फीसदी का ब्याज तो वहीं सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर 8.2 फीसदी ब्याज मिल रहा है.
ये भी पढ़ें: Train Cancelled: यात्रिगण कृप्या ध्यान दें! रेलवे ने 16 अक्टूबर तक 66 ट्रेनों को किया रद्द, यहां देखें पूरी लिस्ट
केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2023-24 में ब्याज दर में बढ़ोतरी के बाद बचत योजनाओं में निवेशकों की संख्या बढ़ी है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि इन स्कीम को और आकर्षक बनाने, निवेशकों को और आकर्षित करने के लिए वित्त मंत्रालय की ओर से पीपीएफ समेत अन्य बचत योजनाओं में ब्याज दरों में बढ़ोतरी संभव है.
आपको बता दें, निवेश करने के लिए हर कोई ऐसा माध्यम तलाशना चाहता है जहां उनका निवेश किया गया धन सुरक्षित रहे. ऐसे में निवेश करने के लिए पीपीएफ एक बेहतर ऑप्शन है. पीपीएफ में अगर आप निवेश करते हैं तो यहां आपको एक बेहतर रिटर्न मिलता है. मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.1 फीसदी का ब्याज दर मिलता है.