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दिल्ली वालों के लिए बड़ी राहत, अब बिजली कनेक्शन लेना हुआ और भी आसान; फटाफट चेक करें नए नियम

दिल्ली में नया बिजली कनेक्शन लेना अब काफी सरल हो गया है. डीईआरसी ने प्री-इंस्पेक्शन और अग्रिम भुगतान की अनिवार्यता हटा दी है. अब आवेदन पर कोई अग्रिम पैसा नहीं जमा करना होगा और सेल्फ डिक्लेरेशन से काम चलेगा.

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Edited By: Reepu Kumari
दिल्ली वालों के लिए बड़ी राहत, अब बिजली कनेक्शन लेना हुआ और भी आसान; फटाफट चेक करें नए नियम
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: दिल्ली के रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. राजधानी में नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गई है. दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इन बदलावों से आम उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलने वाली है. अब साइट पर पहले से जांच कराने और आवेदन के समय पैसे जमा करने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है. 

अनावश्यक कागजी कार्रवाई से मुक्ति

ये नए नियम उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार और अनावश्यक कागजी कार्रवाई से मुक्ति दिलाएंगे. पहले अक्सर इंस्पेक्शन की वजह से कनेक्शन में देरी हो जाती थी. अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह हटा दिया गया है. साथ ही, आवेदन के समय कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ेगा. सभी शुल्क पहली बिजली बिल के साथ जमा किए जा सकेंगे. इससे लोगों को तुरंत कनेक्शन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. 

प्री-इंस्पेक्शन की अनिवार्यता खत्म

डीईआरसी ने सबसे बड़ा बदलाव यह किया है कि नए बिजली कनेक्शन के लिए अब साइट इंस्पेक्शन जरूरी नहीं रहा. पहले बिजली कंपनी के अधिकारी घर या दुकान का निरीक्षण करते थे, जिससे काफी समय लग जाता था. अब इस स्टेप को हटा दिया गया है. इससे कनेक्शन मिलने की पूरी प्रक्रिया तेज हो जाएगी और उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 

अग्रिम भुगतान का झंझट खत्म

अब आवेदन करते समय किसी भी तरह का अग्रिम पैसा जमा करने की जरूरत नहीं है. पहले यह एक बड़ी परेशानी थी. नए नियम के अनुसार सभी शुल्क कनेक्शन मिलने के बाद पहली बिजली बिल के साथ चुकाए जा सकेंगे. इससे आम आदमी को आर्थिक बोझ कम लगा और प्रक्रिया और भी सरल हो गई.

सेल्फ डिक्लेरेशन से आसान प्रक्रिया

आयोग ने सेल्फ-डिक्लेरेशन की सुविधा भी शुरू की है. उपभोक्ता को सिर्फ यह घोषणा करनी होगी कि परिसर की आंतरिक वायरिंग किसी लाइसेंसधारी इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर से चेक कराई गई है. अब डिस्कॉम अधिकारियों को अलग से जांच करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे कागजी काम और समय दोनों बचेंगे. 

कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं

डीईआरसी ने साफ कर दिया है कि नए कनेक्शन के सभी शुल्क सिर्फ आयोग द्वारा तय मानकों के अनुसार ही लिए जाएंगे. बिजली कंपनियां कोई अतिरिक्त या छिपा हुआ चार्ज नहीं ले सकेंगी. यह नियम उपभोक्ताओं को ओवरचार्जिंग से बचाने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है.

शिकायत निपटाने की बेहतर व्यवस्था

अगर कनेक्शन या सेवा में कोई समस्या आए तो उपभोक्ता पहले डिस्कॉम के कंज्यूमर ग्रीवांस फोरम में शिकायत कर सकता है. वहां समाधान न मिले तो बिजली ओम्बड्समैन और अंत में डीईआरसी तक जा सकता है. इस मजबूत व्यवस्था से उपभोक्ताओं के अधिकार और बेहतर तरीके से सुरक्षित रहेंगे.