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Twisha Sharma Death Case: सुप्रीम कोर्ट में MP सरकार की दलील, ‘तलाकशुदा बेटी बेहतर, मृत नहीं’; CBI जांच को मंजूरी

ट्विशा शर्मा डेथ केस में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की, जबकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की टिप्पणी चर्चा में रही.

Dhiraj Kumar Dhillon
Twisha Sharma Death Case: सुप्रीम कोर्ट में MP सरकार की दलील, ‘तलाकशुदा बेटी बेहतर, मृत नहीं’; CBI जांच को मंजूरी
Courtesy: Google

पूर्व अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- इस प्रकरण से अभिभावकों को एक सीख मिलती है कि उनकी बेटी मृत अवस्था में मिले, इससे बेहतर है उसका तलाकशुदा होना. उन्होंने कोर्ट को बताया मामले की जांच एक-दो दिन में सीबीआई को ट्रांसफर हो जाएगी, मध्य प्रदेश सरकार पहले ही मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है.

सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की बात कही

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने ट्विशा शर्मा मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। पीठ ने दोनों पक्षों और मीडिया को सार्वजनिक बयानबाजी से बचने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से कहीं न कहीं जांच प्रभावित होने का अंदेशा रहता है.

न्यायपालिका को एजेंसियों की जांच पर शक नहीं

कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच सेंट्रल एजेंसी कराए जाने का यह मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए कि राज्य की एजेंसियां सही और निष्पक्ष जांच नहीं करतीं. अदालत ने साफ किया कि न्यायपालिका को सीबीआई या अन्य किसी भी एजेंसी की निष्पक्षता पर कोई शक नहीं है, इसलिए गलत नैरेटिव नहीं बनाए जाने चाहिएं.

एफआईआर में देरी पर सवाल उठाए

अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने एफआईआर में देरी को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मामला सीबीआई को ट्रांसफर होने से कुछ मुद्दों का साफ होना जरूरी है. इस पर कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल जांच के गुण-दोष पर बात नहीं हो रही है, सीबीआई को निष्पक्ष जांच करने देनी चाहिए.

कोर्ट ने मीडिया को भी नसीहत दी

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मीडिया को भी नसीहत दी कि मामले से संबंधित लोगों के बयान रिकॉर्ड करने से बचना चाहिए. इनमें से कई लोगों को मामले में गवाह बनाया जा सकता है, उस स्थिति में उनके बयान सार्वजनिक करना गलत हो सकता है. कोर्ट ने कहा कि मीडिया को किसी भी पक्ष को पहले से दोषी या निर्दोष साबित करने से बचना चाहिए.

जानिए क्या है पूरा मामला?

नोएडा की रहने वाली 31-33 वर्षीय पूर्व मिस पूणे और साउथ फिल्मों में काम कर चुकी ट्विशा शर्मा दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से शादी के महज कुछ महीनों बाद 12 मई 2026 को अपनी ससुराल में मृत पाई गईं. पोस्टमॉर्टम में फांसी लगने की बात सामने आई, लेकिन परिवार का आरोप है कि ससुराल वालों ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी. पति और सास पर दहेज और क्रूरता के मामले दर्ज हुए हैं.