नई दिल्ली: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्राइवेट प्लेन आज यानी 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया. इस दुखद हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई. वे जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रम के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे. इस घटना ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शोक जताया है. राज्य में 3 दिन का शोक घोषित किया गया है.
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है- क्या प्राइवेट प्लेन या चार्टर्ड फ्लाइट में यात्रा करने वालों को इंश्योरेंस कवर मिलता है? कितनी रकम मिल सकती है? आइए विस्तार से समझते हैं...
भारत में एविएशन इंश्योरेंस नियमों के तहत प्राइवेट जेट या चार्टर्ड प्लेन का इंश्योरेंस जरूरी होता है. ये पॉलिसी विमान के मालिक या ऑपरेटर (जैसे चार्टर कंपनी) लेते हैं. इसमें मुख्य रूप से दो प्रकार के कवर होते हैं:-
हल इंश्योरेंस (Hull Insurance): विमान को खुद नुकसान होने पर कवर करता है, जैसे क्रैश, आग या अन्य क्षति.
लायबिलिटी इंश्योरेंस (Liability Insurance): ये यात्रियों, क्रू और थर्ड पार्टी (जमीन पर नुकसान) के लिए होता है. इसमें पैसेंजर लायबिलिटी सबसे महत्वपूर्ण है, जो मौत, चोट या मेडिकल खर्च कवर करता है.
प्राइवेट प्लेन में पैसेंजर कवरेज कस्टमाइज्ड होता है. ये पॉलिसी के टर्म्स पर निर्भर करता है. भारत में एविएशन इंश्योरेंस DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों से जुड़ा होता है.
आमतौर पर पैसेंजर लायबिलिटी: मौत के मामले में कई करोड़ रुपये तक का कवर मिल सकता है. हाई-प्रोफाइल पर्सन या VIP के लिए पॉलिसी ज्यादा मजबूत बनाई जाती है, जहां डेथ बेनिफिट 1 करोड़ से 10 करोड़ या उससे ज्यादा भी हो सकता है.
#WATCH | Maharashtra | Huge crowd gathers outside Baramati hospital as mortal remains of Maharashtra Deputy CM and NCP leader, Ajit Pawar, have been brought here
— ANI (@ANI) January 28, 2026
He died in a charter plane crash while travelling from Mumbai to Bramati this morning. pic.twitter.com/xVcbIwxJIQ
मेडिकल और इंजरी कवर: घायल होने पर हॉस्पिटल खर्च, इमरजेंसी मेडिकल और डिसएबिलिटी बेनिफिट.
थर्ड पार्टी लायबिलिटी: जमीन पर नुकसान या दूसरों को चोट लगने पर कवर.
कॉमर्शियल एयरलाइंस में मॉन्ट्रियल कन्वेंशन 1999 के तहत मौत पर करीब 1.4 करोड़ रुपये (लगभग 1,28,821 SDR) तक का स्टैंडर्ड मुआवजा मिलता है. प्राइवेट फ्लाइट्स में ये अलग-अलग होता है, क्योंकि पॉलिसी व्यक्तिगत या कंपनी द्वारा तय की जाती है. कई बार VIP या पॉलिटिशियन के लिए एक्स्ट्रा हाई कवरेज वाली पॉलिसी होती है. प्राइवेट जेट इंश्योरेंस की प्रीमियम 10,000 से 5 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है, जो प्लेन के टाइप, वैल्यू, पायलट एक्सपीरियंस और यूज पर निर्भर करती है.
चार्टर फ्लाइट में ऑपरेटर की पॉलिसी यात्रियों को कवर करती है, लेकिन पैसेंजर अपनी पर्सनल ट्रैवल इंश्योरेंस या क्रेडिट कार्ड बेनिफिट भी ले सकते हैं. इस हादसे में अजित पवार के परिवार को ऑपरेटर (VSR कंपनी का Learjet-45) की इंश्योरेंस पॉलिसी से मुआवजा मिलेगा, जो काफी बड़ी रकम हो सकती है. जांच AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) कर रही है. प्राइवेट फ्लाइट में भी सुरक्षा कवच मजबूत होता है, लेकिन पॉलिसी डिटेल्स चेक करना जरूरी है.