नई दिल्ली: दिल्ली में अपना घर खरीदना आज भी लाखों लोगों का सपना है, लेकिन बढ़ती कीमतें इस सपने को अधूरा छोड़ देती हैं. ऐसे में डीडीए की नागरिक आवास योजना 2026 उन लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है, जो लंबे समय से किफायती फ्लैट की तलाश में थे. इस योजना में सीधे 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जिससे घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.
डीडीए के अनुसार, यह योजना खास तौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. नरेला और सिरासपुर जैसे इलाकों में पहले से बने फ्लैट अब रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने की वजह से लोगों को दफ्तरों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.
नागरिक आवास योजना 2026 के तहत नरेला इलाके में एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट शामिल किए गए हैं. वहीं सिरासपुर में खास तौर पर एलआईजी फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. डीडीए का कहना है कि इन इलाकों में बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, जिससे लोगों को बसने में किसी तरह की परेशानी न हो.
इस योजना के लिए पंजीकरण 24 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू हो चुका है. वहीं फ्लैटों की ऑनलाइन बुकिंग 28 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. आवेदन केवल डीडीए के आधिकारिक आवास पोर्टल के जरिए ही किया जा सकता है. समय पर बुकिंग करना जरूरी है, क्योंकि फ्लैट सीमित संख्या में उपलब्ध हैं.
डीडीए फ्लैट के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है. इसके लिए eservices.dda.org.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. नए आवेदकों को 2,500 रुपये का अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क देना होगा. पहले से पंजीकृत यूजर सीधे लॉग इन कर सकते हैं और उपलब्ध फ्लैटों की जानकारी देख सकते हैं.
फ्लैट का चयन करने के बाद बुकिंग राशि जमा करनी होती है. ईडब्ल्यूएस फ्लैट के लिए यह राशि 50 हजार रुपये रखी गई है. एलआईजी फ्लैट के लिए 1 लाख रुपये, एमआईजी फ्लैट के लिए 4 लाख रुपये और एचआईजी फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये बुकिंग अमाउंट तय किया गया है. यह रकम बाद में फ्लैट की कुल कीमत में जोड़ दी जाती है.
बुकिंग के बाद डीडीए मांग-सह-आवंटन पत्र जारी करता है, जिसमें बाकी भुगतान की जानकारी होती है. तय समय पर पूरा भुगतान करना जरूरी होता है. गलत जानकारी देने पर आवंटन रद्द भी हो सकता है. पूरा भुगतान होने के बाद स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है, तभी फ्लैट का मालिकाना हक मिलता है.