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दिवाली पर पानी डालते ही जल उठता है ये अनोखा दीया, जानिए बिना तेल-बाती के कैसे करता है काम

​​​​​​​Water Activated Electric Diya: दिवाली का त्योहार हो और घर में दीये न जलें, ऐसा भला कैसे हो सकता है? रोशनी के इस पर्व पर लोग अपने घरों को मिट्टी के दीयों, मोमबत्तियों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाते हैं.

Shilpa Shrivastava
दिवाली पर पानी डालते ही जल उठता है ये अनोखा दीया, जानिए बिना तेल-बाती के कैसे करता है काम
Courtesy: ChatGPT

Water Activated Electric Diya: दिवाली का त्योहार हो और घर में दीये न जलें, ऐसा भला कैसे हो सकता है? रोशनी के इस पर्व पर लोग अपने घरों को मिट्टी के दीयों, मोमबत्तियों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाते हैं. आमतौर पर दीये जलाने के लिए तेल या घी और रूई की बाती का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन आजकल बाजार में ऐसे हाईटेक दीये भी मिलने लगे हैं, जिन्हें जलाने के लिए न तेल की जरूरत है और न ही बाती की. हैरानी की बात यह है कि इनमें सिर्फ एक चम्मच पानी डालते ही रोशनी होने लगती है.

दिखने में ये दीये बिल्कुल ट्रेडिशनल मिट्टी के दीयों जैसे लगते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पानी डालने से बिजली वाला दीया कैसे जलने लगता है? आइए इसकी पूरी टेक्नोलॉजी को आसान भाषा में समझते हैं.

कैसे काम करते हैं पानी से जलने वाले इलेक्ट्रिक दीये?

इन खास दीयों के अंदर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक सर्किट लगा होता है. इसके ऊपरी हिस्से में एक छोटी LED लाइट और उसके पास दो छोटे मेटल के पिन होते हैं. इन पिनों को इलेक्ट्रोड या वॉटर सेंसर कहा जाता है. दीये के निचले हिस्से में छोटी बटन सेल बैटरी लगी होती है. जब दीया सूखा रहता है, तब दोनों मेटल पिनों के बीच संपर्क नहीं होता. इसकी वजह से इलेक्ट्रिक सर्किट अधूरा रहता है और LED लाइट नहीं जलती.

पानी डालते ही कैसे जलने लगती है रोशनी?

इस दीये के काम करने के पीछे पानी की एक खास खूबी है. सामान्य पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे मिनरल्स घुले होते हैं. ये मिनरल्स पानी को बिजली का हल्का करंट पास करने में मदद करते हैं. जैसे ही दीये में पानी डाला जाता है, दोनों मेटल पिन पानी के संपर्क में आ जाते हैं. पानी इनके बीच बिजली के लिए एक रास्ता बना देता है. इससे इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को एक छोटा सा सिग्नल मिलता है.

दीये में लगा ट्रांजिस्टर इस सिग्नल को पहचानकर स्विच की तरह काम करता है. इसके बाद बैटरी की पावर LED लाइट तक पहुंचती है और दीया जगमगाने लगता है. यानी इसमें पानी ईंधन की तरह नहीं जलता, बल्कि लाइट चालू करने का संकेत देता है.

क्या किसी भी तरह का पानी डाल सकते हैं?

इन दीयों में सामान्य नल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, बहुत ज्यादा शुद्ध किया हुआ पानी, जैसे डिस्टिल्ड वॉटर या कुछ प्रकार का RO पानी, डालने पर दीया ठीक से काम नहीं कर सकता.

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शुद्ध पानी में बिजली का प्रवाह कराने वाले मिनरल्स और आयन्स बहुत कम होते हैं. ऐसी स्थिति में पानी दोनों पिनों के बीच सही संपर्क नहीं बना पाता. कुछ मॉडलों में थोड़ा नमक मिलाने से काम हो सकता है, लेकिन ऐसा करने से पहले निर्माता के निर्देश जरूर देखें.

कितनी देर तक जलता है यह दीया?

इन इलेक्ट्रिक दीयों में LED टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, जो बहुत कम बिजली खर्च करती है. इनमें छोटी बटन सेल बैटरी लगी होती है. कुछ मॉडलों में बैटरी के आधार पर करीब 40 से 50 घंटे तक का बैकअप मिलने का दावा किया जाता है.

दीया बंद करने के लिए इसमें मौजूद पानी को निकालकर पिनों को सूखा करना होता है. पानी हटते ही सर्किट का संपर्क टूट जाता है और LED बंद हो जाती है. बैटरी खत्म होने पर मॉडल के अनुसार उसे बदला भी जा सकता है. इस तरह पानी से जलने वाले ये हाईटेक दीये पारंपरिक दीयों और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का एक दिलचस्प मेल हैं. हालांकि, इनका इस्तेमाल करते समय बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों को सुरक्षित रखना जरूरी है.