ONOS Scheme: भारत सरकार ने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) प्लान को मंजूरी दी है, जो भारतीय शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है. इस प्लान का उद्देश्य भारत को एक ग्लोबल रिचर्स, एजुकेशन और नॉलेज का हब बनाना है. साथ ही इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन को बढ़ावा देना और एजेकुशन्स रिसोर्सेज का एक्सेस को आसान बनाना है.
ONOS प्लान के तहत, पूरे भारत के सभी केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे हाइअर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स को 30 इंटरनेशनल पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित 13,000 से ज्यादा जर्नल्स का एक्सेस मिलेगा. इस योजना को इंफॉर्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क (INFLIBNET) द्वारा कॉर्डिनेट किया जाएगा, जो यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (UGC) के तहत इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर है. वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) योजना पूरी तरह से डिजिटल प्रोसेस के जरिए की जाएगी.
यह प्लान एजुकेशन्स जर्नल्स की मौजूदा कठिन और अलग-अलग लाइब्रेरी कंसोर्टिया से जुड़े प्रोसेस को खत्म करेगी जिससे हर संस्थान को हाई क्वालिटी वाला रिसर्च मैटेरियल मिलेगा. अब देश भर के लगभग 6300 संस्थान, जैसे विश्वविद्यालय, कॉलेज और नेशनल इम्पोर्टेंस इंस्टीट्यूशन. एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ सकेंगे और इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.
Game-changer for Indian academia and for youth empowerment!
— Narendra Modi (@narendramodi) November 26, 2024
The Cabinet has approved ‘One Nation One Subscription’, which will strengthen our efforts to become a hub for research, learning and knowledge. It will also encourage interdisciplinary studies.…
इस प्लान के लिए तीन वर्षों के दौरान 6,000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है. इससे संस्थानों को मेजर इंटरनेशनल जर्नल्स तक का एक्सेस मिलेगा जिससे रिचर्ज करना और पढ़ना आसान हो जाएगा. ONOS 1 जनवरी 2025 से लागू होगा और इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को ग्लोबल एजुकेशन उपलब्ध कराना है.
Cabinet approves One Nation One Subscription (ONOS)
— UGC INDIA (@ugc_india) November 26, 2024
Union Cabinet approved One Nation One Subscription, a new Central Sector Scheme for providing country-wide access to scholarly research articles and journal publications.
The scheme will be administered through a simple, user… pic.twitter.com/RQIZZDDxWM
ONOS के जरिए भारत का एजुकेशन सिस्टम बदलने जा रहा है क्योंकि यह सभी संस्थानों के लिए एक जैसा अवसर और संसाधन सुनिश्चित करेगा, जिससे देश में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा.