नई दिल्ली: सतलुज फिल्म पर काफी विवाद चल रहा है. इसे ओटीटी से हटाने के बाद भी इसे लोग धड़ल्ले से देख रहे हैं. ऐसे में एक सवाल लोगों के दिमाग में आता है कि फिल्म बैन होने के बाद भी लोग मूवी कैसे देख लेते हैं. जब आप टेलीग्राम पर जाते हैं और फिल्म का नाम सर्च करते ही ढेर सारे चैनल, ग्रुप और बॉट सामने आ जाते हैं. इसी वजह से टेलीग्राम पर पायरेसी को लेकर फिर से बड़ी बहस छिड़ गई है.
हाल ही में केंद्र सरकार ने टेलीग्राम को नोटिस भेजा था. सरकार ने कहा है कि पायरेटेड फिल्में और OTT कंटेंट को तुरंत रोकें. इसके लिए 15 दिन में जवाब मांगा गया था. तो चलिए जानते हैं कि टेलीग्राम पर नई फिल्में इतनी तेजी से कैसे पहुंच जाती हैं और यह सिस्टम कैसे काम करता है.
टेलीग्राम खुद फिल्म नहीं अपलोड करता. यह तो सिर्फ मैसेजिंग ऐप है. लेकिन कुछ लोग इसके फीचर्स का गलत फायदा उठाकर पायरेसी का बड़ा धंधा चला रहे हैं. जब कोई नई फिल्म रिलीज होती है तो उसकी चोरी की हुई कॉपी कई तरीकों से बनाई जाती है. फिर यह फाइल इंटरनेट पर डाल दी जाती है. उसके बाद टेलीग्राम पर इसका नेटवर्क शुरू हो जाता है.
अगर आप टेलीग्राम पर किसी नई फिल्म का नाम सर्च करते हैं तो कई चैनल आपको दिख जाएंगे. ज्यादातर चैनल सीधे फिल्म नहीं देते. वे आपको एक बॉट के पास भेजते हैं. फिर बॉट आपको कहता है- स्टार्ट बटन दबाओ. फिर वह 2-3 चैनल जॉइन करने के लिए कहा जाता है. जैसे ही आप चैनल जॉइन करते हैं, बॉट आपको फिल्म का डाउनलोड लिंक या पूरा वीडियो दे देता है. फिल्म 480p, 720p और 1080p जैसी अलग-अलग क्वालिटी में मिल जाती है.
जब किसी चैनल को लेकर शिकायत कर दी जाती है और वह बंद हो जाता है, तो एडमिन तुरंत नया चैनल बना लेते हैं. पुराने चैनल पर मैसेज छोड़ दिया जाता है कि आप नया चैनल ज्वाइन कर सकते हैं. इस तरह यूजर्स आसानी से नए चैनल में चले जाते हैं. इसलिए एक चैनल बंद होने से पूरा पायरेसी नेटवर्क रुकता नहीं है. ये लोग कई बैकअप चैनल और बॉट्स की मदद से काम चलाते हैं.
कई बॉट सिर्फ फिल्म नहीं देते. पहले वे आपको दूसरे चैनल जॉइन करवाते हैं, जिससे उनके सब्सक्राइबर बढ़ें. कुछ जगह ऐड्स दिखाते हैं या बाहर की वेबसाइट पर भेजते हैं. यानी पायरेसी के पीछे पूरा कमाई का सिस्टम चल रहा है.