नई दिल्ली: आजकल सोशल मीडिया हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. लोग अपनी जिंदगी की छोटी-बड़ी हर बात शेयर करते हैं. लेकिन इसी में एक बड़ी समस्या भी छिपी है. बच्चों की फोटो शेयर करना पैरेंट्स के लिए खतरा बन सकता है. ब्रिटेन की NCA और IWF ने पैरेंट्स के लिए नई चेतावनी जारी की है.
क्यों है खतरा: सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो शेयर करने से उनकी पर्सनल डिटेल (जैसे नाम, स्कूल, उम्र आदि) आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. स्कैमर्स इन फोटोज को AI टेक्नोलॉजी की मदद से एडिट करके फर्जी और अश्लील कंटेंट बना लेते हैं. IWF के अनुसार, 2025 में ऐसे 8 हजार से ज्यादा AI जनरेटेड कंटेंट सामने आए, जो पिछले साल से 14% ज्यादा हैं.
बच्चों की फोटो शेयर करने से पहले सोचें. अगर शेयर करनी ही है तो प्राइवेसी सेटिंग चेक करें और सिर्फ क्लोज फ्रेंड्स के साथ शेयर करें.
पुरानी फोटोज चेक करें. अगर कोई ऐसी फोटो है जिसमें बच्चे की डिटेल्स दिख रही हैं तो उसे तुरंत डिलीट कर दें.
स्कूल, क्लब या रिश्तेदारों से भी कहें कि बच्चों की फोटो शेयर करने से पहले पैरेंट्स की अनुमति लें.
AI टेक्नोलॉजी से स्कैमर्स बच्चों की सामान्य फोटोज को बदलकर अश्लील कंटेंट बना रहे हैं. इससे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा है. पैरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दें. ऐसे में पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि उन्हें बच्चों की फोटो शेयर करने से बचना चाहिए। साथ ही प्राइवेसी सेटिंग्स को हमेशा चेक करते रहना चाहिए। अगर कोई भी संदिग्ध एक्टिविटी दिखती है तो उसे तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए।
नोट: सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. पैरेंट्स को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए जिससे उनका बच्चा किसी भी खतरे से बचा रहे.