चीन के वैज्ञानिकों ने एक नई कंप्यूटर चिप विकसित करने का दावा किया है, जो मानव मस्तिष्क की जटिल संरचना की रियल-टाइम मॉडलिंग कर सकती है. इस तकनीक को भविष्य में न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान, इलाज और ब्रेन-मशीन इंटरफेस को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. इस शोध को 3 जुलाई को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका साइंस (Science) में प्रकाशित किया गया है. इसे पेकिंग यूनिवर्सिटी और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के वैज्ञानिकों ने मिलकर विकसित किया है.
यह चिप 40-नैनोमीटर तकनीक पर आधारित है और इसमें आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क के साथ फेज-चेंज मेमरिस्टर तकनीक का उपयोग किया गया है. इसकी खासियत यह है कि इसमें डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग एक ही मेमोरी सिस्टम में होती है. इससे पारंपरिक चिप्स की तुलना में डेटा ट्रांसफर का समय कम लगता है और ऊर्जा की खपत भी घटती है.
शोधकर्ताओं का दावा है कि यह चिप आधे सेकंड से भी कम समय में मस्तिष्क की जटिल सतह का पुनर्निर्माण कर सकती है. इसी विशेष कार्य में इसका प्रदर्शन Nvidia A100 GPU की तुलना में 50 से 478 गुना तक बेहतर बताया गया है. हालांकि यह तुलना केवल ब्रेन-सर्फेस रिकंस्ट्रक्शन जैसे विशेष कार्यों तक सीमित है. यह चिप सामान्य AI, ग्राफिक्स या अन्य कंप्यूटिंग कार्यों के लिए नहीं बनाई गई है.
शोध दल के प्रमुख प्रोफेसर यांग यूचाओ के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में ब्रेन-मशीन इंटरफेस, न्यूरोलॉजिकल रोगों की शुरुआती पहचान, सर्जरी के दौरान न्यूरल नेविगेशन और अल्जाइमर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग में उपयोगी साबित हो सकती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आगे चलकर यह तकनीक प्रत्येक व्यक्ति के डिजिटल ब्रेन ट्विन विकसित करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है.