जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोकप्रिय होती जा रही है, वैसे-वैसे बच्चों में उनके बारे में जिज्ञासा बढ़ती जा रही है. हालांकि, ये हमारी जिम्मेदारी है कि बच्चों को AI के बारे में सही जानकारी दी जाए. लेकिन कई बार माता-पिता व्यस्त होने के चलते ऐसा नहीं कर पाते हैं और बच्चे इन तरह की तकनीक को सीखने का जिम्मा खुद ही उठा लेते हैं. लेकिन AI को सुरक्षित तरह से इस्तेमाल करना कितना जरूरी है, ये बच्चे नहीं सीख पाते हैं.
ऐसे में बच्चों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि AI की कुछ लिमिटेशन्स हैं और इनका गलत इस्तेमाल, आपकी हर जानकारी हैकर्स के पास पहुंचा देता है. अगर आपने अभी तक अपने बच्चों को यह नहीं बताया है तो आज ही उन्हें यह बताएं कि AI को किस तरह से सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए.
बच्चों को अपना पूरा नाम, पता, फोन नंबर या फाइनेंशियल डिटेल्स जैसी सेंसिटिव जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए.
AI प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी सेटिंग्स का रिव्यू करें और उसे बच्चों के हिसाब से एडजस्ट करें.
अपनी जानकारी को पब्लिक न रखें. इससे आपका डाटा आसानी से चुराया जा सकता है.
AI सिस्टम परफेक्ट नहीं हैं और गलतियां कर सकता है. इसलिए यहां मौजूद किसी भी जानकारी को सच मानने से पहले उसे वेरीफाई करना जरूरी है.
अगर आपका बच्चा AI के जरिए आपत्तिजनक या हानिकारक कंटेंट देखता है या उल्टी-सीधी बातें करता है तो उसे AI प्लेटफॉर्म से दूर रखना चाहिए.
किसी भी फैसले पर पहुंचने के लिए AI पर ज्यादा निर्भर न हों. इसके बजाय, ऐसे एजुकेशनल AI डिवाइस के बारे में बच्चों को बताएं जो पढ़ाई में आपकी मदद करें.
AI टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने के लिए जो प्रगति और विकास हुआ है उससे अपडेटेड रहें. साथ ही लिमिटेशन और रिस्क को भी समझें.