menu-icon
India Daily

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, इन जगहों पर दर्शन करने के बाद ही पूरी होगी आपकी बद्रनाथ की यात्रा!

हर साल लाखो श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम में दर्शन करने जाते हैं. लेकिन इसमें ऐसे कई लोग हैं जो इस यात्रा पर जाते जरूर हैं, लेकिन यात्रा को पूरा नहीं कर पाते. वे इन कुछ खास जगहों पर जाते ही नहीं है, जहां धाम यात्रा के दौरान जाना जरूरी होता है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, इन जगहों पर दर्शन करने के बाद ही पूरी होगी आपकी बद्रनाथ की यात्रा!
Courtesy: Pinterest

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल गए  हैं. हर साल की तरह इस साल भी लगभग लाखों भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचे हैं. कहा जाता है कि यहां केवल दर्शन करने से व्यक्ति जन्म और मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है. इस स्थान को पौराणिक कथाओं में काफी चमत्कारी बताया गया है.

आप भी अगर इस बार बद्रीनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो हम आपको कुछ खास जगहों के बारे में बताएंगे. इन जगहों पर यात्रा पूरी करने से पहले एक बार दर्शन जरूर करना चाहिए. जिसमें व्यास गुफा और भीम पुल भी शामिल है. इन जगहों के दर्शन से आपका मन और भी ज्यादा आनंदित महसूस करेगा. 

वेद व्यास गुफा

बद्रीनाथ की यात्रा के दौरान श्री वेद व्यास जी के गुफा का दर्शन करना बेहद जरूरी है. माना जाता है कि यहीं पर व्यास जी ने चारों वेद और गीता की रचना की थी. इसे 5 हजार साल से भी ज्यादा पुरानी और पवित्र गुफा बताया जाता है. इस गुफा की खासियत यह भी है कि इसकी छत किताब के पन्नों की तरह दिखती है. 

भीम पुल

इस यात्रा के दौरान भीम पुल का दर्शन करना भी काफी शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि जब पांडव द्रौपदी के साथ स्वर्ग की ओर बढ़ रहे थे तब उसी दौरान माना गांव के पास सरस्वती नदी दिखाई  दी थी. इस समय भीम ने एक विशाल पत्थर उठाकर रख दिया, ताकी द्रौपदी इसे आसानी से पार कर सके. कहा जाता है कि इसपर भीम के पैरों के निशान हैं.

वसुधारा झरना

बद्रीनाथ से लगभग 8 किमी दूर स्थित वसुधारा झरना कफी खास है. यह झरना लगभग 400 फीट की ऊंचाई पर है. वसुधारा को रहस्यमयी झरना कहा जाता है, क्योंकि लोगों का मानना है कि इसका पानी हर एक व्यक्ति पर नहीं गिरता है. खास कर उनपर बिल्कुल नहीं गिरता जिन्होंने पाप किए हों. साथ ही यह भी कहा जाता है कि जिसपर भी गिरता है उसके आधे रोग दूर हो जाते हैं.

तप्त कुंड

तप्त कुंड अलकनंदा नदी के पवित्र तट पर स्थित है. यह एक प्राकृतिक गर्म पानी का कुंड है. धाम पर दर्शन से पहले स्नान करना आवश्यक माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने खुद  अग्नि देव को इस धाम के पास निवास करने का वरदान दिया था.