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सावधान! बिहार में जनगणना के नाम पर साइबर ठगों ने बिछाया जाल, एक क्लिक में खाली हो रहा बैंक अकाउंट

बिहार में जनगणना के नाम पर साइबर ठगी तेजी से बढ़ रही है. ठग फर्जी लिंक भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं. चलिए जानते हैं इन साइबर ठगों से कैसे बचा जा सकता है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
सावधान! बिहार में जनगणना के नाम पर साइबर ठगों ने बिछाया जाल, एक क्लिक में खाली हो रहा बैंक अकाउंट
Courtesy: Pinterest

पटना: बिहार में साइबर अपराधियों अब नए तरीके से धोखाधड़ी कर रहे है. लोगों को जनगणना की आड़ में निशाना बनाया जा रहा है. ये चालाक ठग फोन कॉल, SMS और WhatsApp मैसेज के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं और खुद को जनगणना अधिकारी बताते हैं. अक्सर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या स्व-गणना फॉर्म भरने में मदद करने के बहाने वे एक फर्जी लिंक भेजते हैं. जिस पर क्लिक करते ही पीड़ितों के बैंक खाते पल भर में खाली हो जाते हैं. 

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए, बिहार पुलिस की साइबर यूनिट ने हाई अलर्ट जारी किया है. राज्य की राजधानी पटना के साथ-साथ मुजफ्फरपुर और कई अन्य जिलों से इस तरह की धोखाधड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. ठगों का काम करने का तरीका बेहद चालाक है. वे फोन करके कहते हैं कि आपकी स्व-गणना की प्रक्रिया अधूरी है. फॉर्म तुरंत भरें, वरना आपको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जाएगा.

कैसे करते हैं ठगी?

वे एक लिंक भेजते हैं, जिसमें असल में एक खतरनाक वायरस छिपा होता है. जैसे ही कोई पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैंग हो जाता है और ठगों को उसकी बैंकिंग जानकारी तक अनाधिकृत पहुंच मिल जाती है. पटना में एक व्यक्ति के खाते से इस तरह ₹25,000 निकल गए, जबकि मुजफ्फरपुर में एक महिला के ₹10,000 ठग लिए गए.

किन इलाकों को ज्यादातर बनाया जा रहा निशाना?

साइबर अपराधियों ने खास तौर पर बिहार के ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाया है, जहां डिजिटल साक्षरता का स्तर अपेक्षाकृत कम है. ठग अच्छी तरह जानते हैं कि गांवों के लोग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लेकर बहुत संवेदनशील होते हैं. इसलिए उन्हें इस धमकी से आसानी से जाल में फंसाया जा सकता है कि उन्हें मिलने वाले लाभ बंद हो जाएंगे. 

जनगणना से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि विभाग कभी भी लोगों को फोन या मैसेज करके OTP नहीं मांगता और न ही उन्हें फॉर्म भरने का निर्देश देता है. स्वयं-गणना के लिए, व्यक्तियों को सख्ती से केवल सरकार के आधिकारिक पोर्टल: https://se.census.gov.in/ का ही उपयोग करना चाहिए. 

कहां दर्ज करें शिकायत?

सक्रिय कार्रवाई का प्रदर्शन करते हुए, बिहार पुलिस की साइबर यूनिट ने कई शिकायतों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और यदि कोई संदिग्ध कॉल आता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर डायल करें या cybercrime.gov.in पर इसकी रिपोर्ट करें.