दाऊद इब्राहिम के नजदीकी कहे जाने वाला और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग किंगपिन सलीम डोला को तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों ने इस्तांबुल में गिरफ्तार कर लिया है. मिल रही जानकारी के मुताबिक कई खुफिया एजेंसियों के समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत हुई इस कार्रवाई को भारत की सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद डोला को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत लाया जाएगा. डोला के भारत आने के बाद संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार होने की उम्मीद है. हालांकि उसकी गिरफ्तारी और भारत लाने की प्रक्रिया में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है.
सलीम डोला को तुर्की की नेशनल इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन और इस्तांबुल पुलिस की नारकोटिक्स यूनिट ने बेय्लिकदूजू इलाके में एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया. वह दाऊद इब्राहिम के ड्रग स्मगलिंग वर्टिकल को संचालित करने वालों में काफी महत्वपूर्ण कड़ी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके पास संयुक्त अरब अमीरात का फर्जी पासपोर्ट था, जिसका इस्तेमाल वह अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रहा था.
भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसके पीछे थीं. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था. इसके अलावा, मुंबई पुलिस और अन्य एजेंसियों पर उसके कई मामले दर्ज हैं. इंटरपोल ने भी उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था.
A close aide of Dawood Ibrahim, Salim Dola, has been brought to India. He was deported to India and landed at a technical airport in Delhi earlier today. The deportation was carried out after a coordinated operation by intelligence agencies in collaboration with international…
— ANI (@ANI) April 28, 2026
डोला 2015-16 के आसपास मुंबई से फरार हो गया था और तब से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था. अब उसकी गिरफ्तारी को भारतीय खुफिया एजेंसियों और तुर्की की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय का नतीजा बताया जा रहा है. हालांकि, भारत और तुर्की के बीच प्रत्यक्ष प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होने की संभावना है.
सूत्र बताते हैं कि डोला के पास यूएई पासपोर्ट होने के कारण पहले उसे यूएई भेजा जा सकता है, जहां से भारत प्रत्यर्पण की आसान प्रक्रिया अपनाकर उसे ला सकेगा. सलीम डोला को मुंबई के डोंगरी इलाके का निवासी बताया जाता है. शुरुआत में छोटे स्तर पर गुटखा व्यापार से जुड़े रहने के बाद वह ड्रग तस्करी की दुनिया में सक्रिय हो गया. 2024 में मुंबई क्राइम ब्रांच की एक जांच में 4 किलो एमडी जब्ती के बाद उसकी भूमिका सामने आई थी. डोला की गिरफ्तारी से दाऊद इब्राहिम के अपराधिक सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है.