देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए देहरादून और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन दोनों जिलों में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर की संभावना जताई गई है. वहीं प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
राज्य के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इससे 70 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है. नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में भू कटाव तेज हो गया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और मौसम सामान्य होने तक यात्रा आगे न बढ़ाई जाए. चारधाम यात्रा मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बाधित हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है.
दूसरी ओर राहत की खबर पिथौरागढ़ जिले से आई है. यहां भूस्खलन के कारण तीन दिन से बंद तवाघाट लिपुलेख यानी कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग को दोपहर बाद खोल दिया गया. इसके बाद तीन दिनों से फंसा यात्रियों का चौथा दल धारचूला से गुंजी के लिए रवाना हो गया. वहीं यात्रा पूरी कर लौटे पहले दल के यात्री बूंदी से धारचूला पहुंच गए हैं, जबकि पांचवां दल टनकपुर पहुंच चुका है.
देहरादून मसूरी राज्य राजमार्ग पर भी बारिश का असर साफ दिखाई दिया. पानीवाला बैंड के पास सड़क का करीब 10 मीटर हिस्सा धंस गया, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई. c वैकल्पिक मार्ग अपनाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
मौसम विभाग के अनुसार टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भी कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है. विभाग ने लोगों को नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं.