उत्तराखंड सरकार सेना से लौटने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है. राज्य में अग्निवीर रोजगार सेल जल्द शुरू किया जाएगा, जो पूर्व सैनिकों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर रोजगार दिलाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर विशेष प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगा.
उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल ने बताया कि अग्निवीर रोजगार सेल का मकसद केवल नौकरी दिलाना नहीं होगा. यह सेल हर अग्निवीर की रुचि, योग्यता और सेना में मिले अनुभव का आकलन करेगा. इसके बाद उन्हें सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों और कॉर्पोरेट सेक्टर में रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा. जिन युवाओं को किसी विशेष क्षेत्र के लिए अतिरिक्त कौशल की जरूरत होगी, उनके लिए छोटे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि वे नई नौकरी के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें.
रोजगार सेल ने अब तक 50 से अधिक ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जहां अग्निवीरों को रोजगार मिल सकता है. इनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खेल और सेवा क्षेत्र शामिल हैं. कर्नल कोठियाल का कहना है कि सेना में मिले अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी अनुभव का इन क्षेत्रों में बेहतर उपयोग किया जा सकता है. राज्य सरकार पहले ही सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का फैसला कर चुकी है. अब निजी कंपनियों के साथ भी समन्वय बढ़ाकर रोजगार के नए रास्ते खोले जाएंगे.
सरकार का लक्ष्य है कि सेना से लौटने वाले पहले बैच के आने से पहले रोजगार सेल पूरी तरह काम शुरू कर दे. जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर को करीब 1,200 अग्निवीर उत्तराखंड लौटेंगे. मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में काम करने वाला यह सेल अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाएगा और अग्निवीरों की समस्याओं का जल्दी समाधान करेगा. सरकार चाहती है कि सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को नौकरी या प्रशिक्षण के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े और वे आसानी से अपने नए करियर की शुरुआत कर सकें.