उत्तराखण्ड में मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अपडेट बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान जारी है. निर्वाचन विभाग ने इस प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मतदाता सत्यापन अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया है.
उत्तराखण्ड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे उन मतदाताओं के सत्यापन में सहयोग करें, जिनके फॉर्म अभी तक जमा नहीं हो सके हैं. अधिकारियों का कहना है कि सही और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना चुनाव प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है.
निर्वाचन विभाग के अनुसार 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में SIR अभियान चल रहा है. 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का काम पूरा किया जाना है. कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं में से 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं. वहीं 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी में शामिल हैं. इनमें 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61 हजार 764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित और 8 हजार 479 अन्य कारणों से इस सूची में रखे गए हैं.
उत्तराखण्ड में चल रहे SIR के सम्बंध में आज अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चर्चा की। इस दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से अनकलेक्टेड श्रेणी के मतदाताओं के… pic.twitter.com/55TX9cuokP
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) July 3, 2026
निर्वाचन विभाग ने पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा भी स्पष्ट कर दी है. 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी. इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी. 14 जुलाई से 11 सितंबर के बीच सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा. अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को जारी होगी. बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास और भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा तथा सीपीआई(एम) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने सभी दलों से हर बूथ पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की भी अपील की.