menu-icon
India Daily

AIIMS Rishikesh Gratuity Case: 46 कर्मचारियों के पक्ष में फैसला, 40 लाख के भुगतान का रास्ता साफ

देहरादून में आयोजित विशेष सुनवाई शिविर में एम्स ऋषिकेश के 169 लंबित ग्रेच्युटी अपील मामलों की सुनवाई हुई. इनमें 46 कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आया, जिससे उन्हें करीब 40 लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिलने का रास्ता साफ हुआ.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
AIIMS Rishikesh Gratuity Case: 46 कर्मचारियों के पक्ष में फैसला, 40 लाख के भुगतान का रास्ता साफ
Courtesy: pinterest

देहरादून में आयोजित विशेष सुनवाई शिविर में एम्स ऋषिकेश के 169 लंबित ग्रेच्युटी अपील मामलों की सुनवाई हुई. इनमें 46 कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आया, जिससे उन्हें करीब 40 लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिलने का रास्ता साफ हुआ.

 विशेष शिविर में लंबित मामलों का निपटारा

ग्रेच्युटी से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), देहरादून कार्यालय ने भुगतान उपदान अधिनियम, 1972 के तहत विशेष सुनवाई शिविर आयोजित किया. पूरे दिन चली सुनवाई में एम्स ऋषिकेश के कर्मचारियों से जुड़ी 169 अपीलों पर विचार किया गया, जो पिछले करीब नौ महीनों से लंबित थीं. इस विशेष पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को समय पर वैधानिक अधिकार दिलाना और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना था.

 46 कर्मचारियों के पक्ष में आया फैसला

सुनवाई के बाद 46 अपीलों का फैसला कर्मचारियों के पक्ष में सुनाया गया. इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को लगभग 40 लाख रुपये की ग्रेच्युटी राशि मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया. अपीलीय प्राधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर ग्रेच्युटी का भुगतान करना प्रत्येक संस्थान की कानूनी जिम्मेदारी है. साथ ही सभी नियोक्ताओं को श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन करने, आवश्यक अभिलेख व्यवस्थित रखने और कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए. अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे, ताकि श्रमिकों को समय पर न्याय और उनके कानूनी अधिकार मिल सकें.