पाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि को लेकर दिए गए हालिया बयानों के बीच भारत ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सीमा पार आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि पर भारत की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं होगा. सरकार का कहना है कि आतंकवाद और सामान्य द्विपक्षीय सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते, इसलिए संधि को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय बरकरार रहेगा.
साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत की नीति पहले जैसी ही है. उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय तरीके से समाप्त नहीं करता, तब तक संधि स्थगित रहेगी. यह बयान पाकिस्तान के उन हालिया बयानों के बाद आया है, जिनमें भारत को संधि के तहत पानी के बंटवारे में किसी भी प्रकार की बाधा न डालने की चेतावनी दी गई थी.
𝐖𝐞𝐞𝐤𝐥𝐲 𝐌𝐞𝐝𝐢𝐚 𝐁𝐫𝐢𝐞𝐟𝐢𝐧𝐠 𝐛𝐲 @MEAIndia 𝐎𝐟𝐟𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐒𝐩𝐨𝐤𝐞𝐬𝐩𝐞𝐫𝐬𝐨𝐧
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 3, 2026
MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, India’s position on the Indus Waters Treaty is consistent. IWT stands in abeyance in response to Pakistan’s continued support for cross-border… pic.twitter.com/G8q77PxhFb
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का निर्णय लिया था. सरकार का मानना है कि आतंकवाद और सहयोग एक साथ नहीं चल सकते. केंद्र का यह भी कहना है कि समय के साथ परिस्थितियां बदली हैं और भारत की जल आवश्यकताएं बढ़ी हैं. इसी वजह से संधि के मौजूदा स्वरूप पर भारत ने अपनी आपत्तियां पहले भी दर्ज कराई हैं. पाकिस्तान इस फैसले का लगातार विरोध करता रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठा चुका है.
विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान में हाल में हुए पाकिस्तानी सैन्य हमलों पर भी चिंता जताई, जिनमें नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं. भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया. मंत्रालय ने कहा कि भारत वहां मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग जारी रखे हुए है और भविष्य में भी अफगान जनता के साथ खड़ा रहेगा.
विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत और उनके शव के साथ कथित छेड़छाड़ के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. मंत्रालय ने बताया कि कराकास स्थित भारतीय दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की गहन जांच कराने का अनुरोध किया है. सरकार ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि घटना के सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके.