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'अभी ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं', उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव की अटकलों पर CM धामी ने लगाया विराम

उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार को इस संबंध में किसी भी स्तर पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है

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Edited By: Shanu Sharma
'अभी ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं', उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव की अटकलों पर CM धामी ने लगाया विराम
Courtesy: ANI

उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विराम लगा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को अब तक किसी भी स्तर पर ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे यह संकेत मिले कि विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले कराए जाएंगे. 

सीएम धामी ने कहा कि चुनाव करना पूरी तरह से चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है और फिलहाल इस संबंध में किसी प्रकार की औपचारिक जानकारी सरकार के पास नहीं है. हाल के दिनों में प्रदेश की राजनीतिक फिजाओं में समय से पहले चुनाव की चर्चा तेज हो गई थी. इसकी बड़ी वजह अगले वर्ष प्रस्तावित जनगणना और हरिद्वार कुंभ को माना जा रहा था. 

आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक के दौरान दिया जवाब

राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि व्यस्त प्रशासनिक कार्यक्रमों को देखते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में आयोजित आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल की समीक्षा बैठक में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान मीडिया ने उनसे समय से पहले चुनाव की चर्चाओं को लेकर सवाल किया.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को इस संबंध में किसी भी स्तर पर कोई संकेत या निर्देश नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और न ही सरकार इस प्रकार की किसी तैयारी में जुटी है. उन्होंने दोहराया कि चुनाव कार्यक्रम तय करने का अधिकार केवल चुनाव आयोग के पास है.

राजनीतिक हलकों में क्यों तेज हुई चर्चा

उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से समय से पूर्व चुनाव को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती रही हैं. इसके पीछे अगले वर्ष हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ आयोजन और जनगणना को प्रमुख कारण माना जा रहा है. प्रशासनिक व्यस्तताओं को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों ने चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की संभावना जताई थी.

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के लगातार उत्तराखंड दौरे और संगठनात्मक बैठकों ने भी इन चर्चाओं को और बल दिया. दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी चुनावी तैयारियों को तेज करने में जुटा हुआ है, जिससे राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. हालांकि मुख्यमंत्री के बयान के बाद फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगता नजर आ रहा है.