नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बड़ा दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही शांति समझौता होने वाला है. उन्होंने कहा कि यह समझौता यूरोप में इसी वीकेंड तक साइन हो सकता है. ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल होंगे.
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस डील के तहत ईरान ने यह मान लिया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी इस समझौते को मंजूरी दे दी है. ट्रंप का कहना है कि यह एक बड़ी उपलब्धि है और इससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा.
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि समझौते के बाद यह अहम समुद्री रास्ता फिर से खुल जाएगा. उनका कहना था कि ईरान ने यह समझौता इसलिए माना क्योंकि उस पर काफी दबाव पड़ा है. हालांकि, ट्रंप के इन दावों को ईरान ने पूरी तरह से नकार दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कहा कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि बातचीत अभी भी जारी है और कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है.
ईरानी मीडिया ने भी ट्रंप के बयान पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पिछले दो महीनों में ट्रंप कई बार ऐसे दावे कर चुके हैं. इसलिए जब तक ईरान खुद आधिकारिक घोषणा नहीं करता, तब तक इन खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. बत दें कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव 28 फरवरी से बढ़ा हुआ है. दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट के कंट्रोल को लेकर है.
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ आम लोगों के इस्तेमाल के लिए है, जबकि अमेरिका और इजरायल चाहते हैं कि ईरान इसे पूरी तरह बंद कर दे. यही वजह है कि अभी तक दोनों देशों के बीच पूरी तरह से सहमति नहीं बन पाई है.