उत्तराखंड में लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने खोजबीन समिति (सर्च कमेटी) का गठन कर दिया है. कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने इसकी जानकारी दी. यह निर्णय उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत गठित चयन समिति की 4 जून को हुई बैठक में हुए विचार-विमर्श और संबंधित प्रावधानों के आधार पर लिया गया है. समिति अब नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण में अहम भूमिका निभाएगी.
गठित खोजबीन समिति का मुख्य दायित्व लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्य पदों के लिए उपयुक्त व्यक्तियों की पहचान करना और उनके नामों का पैनल तैयार करना होगा. इसके बाद यह पैनल चयन समिति को सौंपा जाएगा. उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समिति विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन कर ऐसे नामों का चयन करेगी, जो इन महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के लिए उपयुक्त माने जाएं.
पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आलोक वर्मा करेंगे, जो नैनीताल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं. समिति में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव इन्दु कुमार पाण्डेय, सुभाष कुमार और राधा रतूड़ी को सदस्य बनाया गया है. इसके अलावा दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल भी समिति का हिस्सा होंगी. समिति में प्रशासनिक, न्यायिक और शैक्षणिक क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों को शामिल किया गया है.
राज्य सरकार का मानना है कि खोजबीन समिति के गठन से लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी. समिति अधिनियम की धारा 4(4) के तहत निर्धारित नियमों के अनुरूप नामों का पैनल तैयार कर चयन समिति के अध्यक्ष को उपलब्ध कराएगी. इसके बाद चयन समिति अंतिम निर्णय की दिशा में आगे की कार्रवाई करेगी.