उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहयोगी मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियों का वितरण करते हुए शासन व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश की है. इस फैसले में जहां उन्होंने कुछ अहम विभाग अपने पास रखे हैं, वहीं नए मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. माना जा रहा है कि यह कदम प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता और सूचना विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय अपने पास ही रखे हैं. इससे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों पर उनकी सीधी पकड़ बनी रहेगी. यह निर्णय बताता है कि सरकार प्रमुख क्षेत्रों में नियंत्रण बनाए रखते हुए तेजी से निर्णय लेना चाहती है.
मंत्रिमंडल में शामिल नए चेहरों को भी अहम विभाग दिए गए हैं. भरत सिंह चौधरी को ग्रामीण विकास और एमएसएमई जैसे क्षेत्र सौंपे गए हैं. खजान दास को समाज कल्याण और अल्पसंख्यक मामलों की जिम्मेदारी दी गई है. इससे सरकार सामाजिक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहती है.
राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास और पर्यावरण से जुड़े विभाग दिए गए हैं, जबकि प्रदीप बत्रा को परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी की जिम्मेदारी मिली है. इन विभागों के जरिए सरकार आधुनिक विकास और तकनीकी सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है.
मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन और आयुष जैसे विभाग सौंपे गए हैं. यह बंटवारा क्षेत्रीय संतुलन और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखकर किया गया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति का हिस्सा है.