उत्तराखंड: उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है. मार्च के मध्य में जहां गर्मी बढ़ने लगी थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में ठंड लौट आई है. पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश ने लोगों को फिर से सर्दियों का एहसास करा दिया है.
हल्द्वानी जैसे तराई-भाबर क्षेत्र में शुक्रवार को भारी बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. पहले दिन का पारा 31 डिग्री के आसपास था, जो घटकर मात्र 18 डिग्री पर आ पहुंचा. न्यूनतम तापमान भी 15.4 डिग्री रहा. तेज हवाओं के साथ सुबह 10 बजे से दोपहर तक बौछारें पड़ती रहीं, जिससे ठिठुरन बढ़ गई. लोग गर्म कपड़े फिर से निकालने लगे हैं और एसी-पंखों को बंद कर दिया है.
पहाड़ी इलाकों में भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहा. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ से ढके नजारे देखने को मिले, जबकि मैदानों में बादलों की छाई छाई रही. इस बदलाव से सूखे जैसे हालात में राहत मिली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से पर्याप्त बारिश नहीं हुई थी. शनिवार को मौसम में सुधार दिखा. सुबह हल्की बारिश के बाद आसमान साफ हुआ और धूप निकल आई. हल्के बादलों के बीच लोगों को गर्माहट का अहसास हुआ.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रह सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. यह मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का नतीजा है, जो उत्तर भारत में बारिश और ठंड लाता है. हालांकि यह अस्थायी है और जल्द ही सामान्य गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम के उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें.