menu-icon
India Daily

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर को बजट में माउंटेन ट्रेनों की सौगात, वित्त मंत्री ने बताया क्यों किया ये ऐलान?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया. इस दौरान कई क्षेत्रों को गति देने की बात कही गई. पर्यावरण और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेन और हाइकिंग ट्रेल्स का ऐलान किया गया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर को बजट में माउंटेन ट्रेनों की सौगात, वित्त मंत्री ने बताया क्यों किया ये ऐलान?
Courtesy: X (@rishsamjain)

नई दिल्ली: आम बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएं की. रक्षा क्षेत्र से लेकर रेलवे तक के क्षेत्रों में कई ऐलान किए गए. जिसमें एक घोषणा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खिंचा है. उन्होंने कहा कि भारत प्रमुख पहाड़ी क्षेत्रों में इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेन और हाइकिंग ट्रेल्स जल्द ही शुरू करेगा. 

वित्त मंत्री ने बताया कि इसके लिए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, अराकू घाटी और पुडिगई मलाई में माउंटेन ट्रेन शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. इससे पर्यटन सेक्टर को काफी बढ़ावा मिलेगा और देश और भी ज्यादा आधुनिकीकरण की ओर आगे बढ़ेगा. 

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बूम 

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान सरकार की योजनाओं के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि विशेष वन्यजीव पर्यटन ट्रेल्स की भी योजना बनाई गई है, जिसमें ओडिशा, कर्नाटक और केरल में घोंसले बनाने वाली जगहों के साथ कछुआ ट्रेल्स और पुलिकट झील के आसपास पक्षी देखने के रास्ते शामिल किए गए हैं.  सीतारमण ने कहा कि भारत में विश्व स्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग अनुभव प्रदान करने की क्षमता और अवसर है. ऐसे में टेक्नोलॉजीज की मदद से इन सभी क्षेत्रों में काम किए जाने का ऐलान किया गया है. हालांकि इस दौरान पर्यावरण पर भी फोकस किया गया है. सरकार द्वारा यात्रा के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने पर फोकस किया गया है. 

रेलवे क्षेत्र में बड़ा ऐलान 

पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री परिवहन के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना बनाई गई है. जिसमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल है. इन मार्गों का लक्ष्य यात्रा के समय को कम करना, उत्सर्जन को कम करना और प्रमुख आर्थिक और प्रौद्योगिकी केंद्रों को जोड़ना है. इसके अलावा रेल और सड़क यात्रा के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए जल मार्ग पर भी जोर दिया गया है.  सरकार पांच वर्षों में नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों के संचालन की योजना बना रही है. इससे देश की स्थिति और भी ज्यादा मजबूत होगी. सड़क और रेल मार्ग के साथ-साथ जलमार्गों में भी भारत अपना परचम लहराएगा और देश को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करेगा.