उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले कुछ महीने बेहद खास साबित हो सकते हैं. राज्य के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीनों ही ऐसे मुकाम के करीब पहुंच चुके हैं, जहां वे अपने पदों पर सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले व्यक्तियों की सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड की कमान संभाली थी. इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया. दोनों कार्यकाल को मिलाकर धामी 3 जुलाई को पांच वर्ष पूरे कर लेंगे. उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में अब तक केवल नारायण दत्त तिवारी ने मुख्यमंत्री के रूप में पूरा पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया था. धामी का मौजूदा कार्यकाल अभी भी जारी है और उनके पास इस रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाने का अवसर मौजूद है. ऐसे में वे राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन सकते हैं.
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को पदभार संभाला था. अब उनका कार्यकाल उस स्तर तक पहुंचने वाला है, जहां वे प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राज्यपाल बन जाएंगे. इससे पहले यह रिकॉर्ड सुदर्शन अग्रवाल के नाम था, जिन्होंने 57 माह 21 दिन तक राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी. जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में गुरमीत सिंह इस अवधि को पार कर लेंगे.
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी एक बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहे हैं. राज्य गठन के बाद भाजपा के कई प्रदेश अध्यक्ष रहे लेकिन सबसे लंबा कार्यकाल अजय भट्ट के नाम दर्ज है, जिन्होंने करीब 50 माह तक संगठन की कमान संभाली थी. महेंद्र भट्ट पहले ही 46 माह से अधिक समय तक इस पद पर बने रह चुके हैं. अगर संगठन स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है, तो नवंबर तक वह इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं. आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा नेतृत्व का उन पर भरोसा बना हुआ है, जिससे उनके लंबे कार्यकाल की संभावना और मजबूत होती दिखाई दे रही है.