उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धेय संत और आध्यात्मिक विभूति बाबा नीम करौली महाराज को नमन किया है. उन्होंने बाबा को भगवान श्री हनुमान जी का अनन्य भक्त बताते हुए उनके जीवन और आध्यात्मिक योगदान को याद किया. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बाबा नीम करौली महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन भक्ति, सेवा, करुणा और मानव कल्याण के लिए समर्पण का उदाहरण रहा है.
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाबा नीम करौली महाराज की साधना और उनका सरल जीवन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है. उनके अनुसार बाबा का जीवन लोगों को सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिकता के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. मुख्यमंत्री ने बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाओं और जीवन मूल्यों से देश और विदेश में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं.
महान संत, आध्यात्मिक विभूति, श्री हनुमान जी के अनन्य उपासक परम पूज्य बाबा नीब करौरी जी महाराज के महाप्रयाण दिवस पर कोटिशः नमन।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 25, 2026
आपका जीवन भक्ति, सेवा, करुणा और मानवता के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पण का दिव्य उदाहरण है। आपकी साधना, सरलता और प्रेमभाव ने देश-विदेश में असंख्य लोगों को… pic.twitter.com/YRsQW7pIkj
धामी ने अपने संदेश में बाबा नीम करौली महाराज के जीवन में भक्ति के साथ सेवा और मानव कल्याण को विशेष महत्व दिए जाने की बात कही. उन्होंने बाबा की करुणा और सादगी को भी याद किया. मुख्यमंत्री के अनुसार बाबा का जीवन इस बात का उदाहरण है कि आध्यात्मिक साधना के साथ मानव सेवा और समाज के प्रति संवेदना भी महत्वपूर्ण है
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा नीम करौली महाराज की आध्यात्मिक साधना, सादगी और प्रेम ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है. उनके जीवन और विचारों से प्रेरित होकर कई लोग सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिकता के मार्ग पर आगे बढ़े हैं. यही वजह है कि बाबा नीम करौली महाराज को उनके अनुयायियों के बीच विशेष श्रद्धा के साथ याद किया जाता है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा नीम करौली महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने बाबा के जीवन को भक्ति, सेवा, करुणा और मानव कल्याण के लिए समर्पित बताया. अपने संदेश के जरिए मुख्यमंत्री ने बाबा के आध्यात्मिक योगदान और उनके जीवन से मिलने वाली प्रेरणा को याद किया.