चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रविवार सुबह अचानक आए भूकंप के हल्के झटकों ने लोगों को कुछ पल के लिए डरा दिया. चमोली जिले में सुबह 10:27 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गए. 3.7 तीव्रता का यह भूकंप ज्यादा नुकसानदेह नहीं था, लेकिन लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर गया.
उधर, इसी दिन सुबह तिब्बत में भी हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, तिब्बत में आया 3.0 magnitude का यह भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई से उत्पन्न हुआ. लगातार आ रहे हल्के झटके पहाड़ी क्षेत्र की संवेदनशीलता को फिर याद दिला रहे हैं.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप 5 किलोमीटर की गहराई पर आया. एनसीएस ने एक्स पर कहा, 'एम का ईक्यू: 3.7, दिनांक: 30/11/2025 10:27:07 IST, अक्षांश: 30.19 एन, देशांतर: 79.48 ई, गहराई: 5 किमी, स्थान: चमोली, उत्तराखंड.'
EQ of M: 3.7, On: 30/11/2025 10:27:07 IST, Lat: 30.19 N, Long: 79.48 E, Depth: 5 Km, Location: Chamoli, Uttarakhand.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) November 30, 2025
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वहीं भूकंप तिब्बत के कुछ हिस्सों में भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 3:13 बजे आया, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था.
एनसीएस ने ट्वीट किया, 'एम का ईक्यू: 3.0, दिनांक: 30/11/2025 03:13:53 IST, अक्षांश: 28.05 एन, देशांतर: 87.76 ई, गहराई: 10 किमी, स्थान: तिब्बत.”
गौरतलब है कि इस महीने में यह दूसरा हल्का भूकंप था. इससे पहले, 11 नवंबर को तिब्बत के कुछ हिस्सों में रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता का हल्का भूकंप आया था. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था.
एनसीएस ने एक्स पर पोस्ट किया, 'एम का ईक्यू: 3.8, दिनांक: 11/11/2025 04:14:18 IST, अक्षांश: 28.55 एन, देशांतर: 86.90 ई, गहराई: 10 किमी, स्थान: तिब्बत.'
उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां हल्के झटके अक्सर महसूस होते हैं. हिमालय इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के लगातार टकराव से बना है. आज भी दोनों प्लेटों के बीच घर्षण जारी है. इंडियन प्लेट उत्तर की ओर बढ़ रही है, जबकि यूरेशियन प्लेट दक्षिण की ओर सरक रही है. इस टकराव से धरती के भीतर लगातार ऊर्जा जमा होती रहती है. जब चट्टानें इस दबाव को सहन नहीं कर पातीं, तो उनका टूटना अचानक ऊर्जा बाहर निकाल देता है. यही ऊर्जा भूकंप के रूप में महसूस होती है.