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कुवैत से शारजाह तक मिडिल ईस्ट में आसमान से बरस रही आग! पढ़ें खाड़ी में फंसे भारतीयों की दिल दहला देने वाली कहानी

मध्य पूर्व में ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों से खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है. उत्तराखंड के सैकड़ों प्रवासी कुवैत, यूएई और बहरीन में फंसे हैं. काम ठप, लोग घरों में कैद, परिवार भारत में चिंता में डूबे हुए हैं. 

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कुवैत से शारजाह तक मिडिल ईस्ट में आसमान से बरस रही आग! पढ़ें खाड़ी में फंसे भारतीयों की दिल दहला देने वाली कहानी
Courtesy: grok

नई दिल्ली: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़े हिंसक संघर्ष ने खाड़ी क्षेत्र को आग के गोले में बदल दिया है. ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई हो रही है. इस अशांति का सबसे ज्यादा असर वहां रहने वाले भारतीय मजदूरों पर पड़ रहा है. खासकर उत्तराखंड के हरिद्वार, ज्वालापुर और रुड़की जैसे इलाकों से गए हजारों युवा अब रोज मौत के साए में जी रहे हैं. उनके परिवार भारत में रात-दिन अपनों की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं.

पांच दिन से घरों में कैद

शारजाह में रहने वाले ज्वालापुर के शाहरूख ने बताया कि ईरानी हमलों के बाद पिछले पांच दिनों से हालात बेहद खराब हैं. दुबई के कुछ हिस्सों में स्थिति ज्यादा नाजुक है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने की सख्त हिदायत दी है. उनकी कंपनी में काम पूरी तरह बंद है. सोसायटी में सैकड़ों भारतीय एक साथ दुआएं मांग रहे हैं कि जल्दी सब ठीक हो जाए. मंगलवार से कुछ हवाई सेवाएं शुरू हुई हैं. 

कुवैत में मिसाइलों की दहशत

कुवैत के शबाल अहमद इलाके में रहने वाले रिहान ने फोन पर बताया कि कुछ दिन पहले मिसाइलें शहर के ऊपर से गुजरती दिखीं. एक मिसाइल अमेरिकी अड्डे के पास गिरी, जिससे काला धुआं उठा और सायरन बजने लगे. रिहान उसी वक्त कार चला रहे थे. अब मिसाइलें इतनी तेज आती हैं कि देखते ही देखते लक्ष्य पर लग जाती हैं. पूरा शहर अफरा-तफरी में है. 

परिवार में मचा कोहराम

रिहान की मां शहनाज ज्वालापुर में रोज बेटे से बात करती हैं. लेकिन खबरें सुनते ही उनका दिल बैठ जाता है. उन्होंने कहा कि बेटा रोज सुरक्षित होने की जानकारी देता है, मगर युद्ध की आशंका से नींद नहीं आती. परिवार वाले उसे जल्द भारत लौटने की सलाह दे रहे हैं. इसी तरह उत्तराखंड के कई परिवार अपनों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं. 

प्रवासियों की बढ़ती मुश्किलें

कुवैत, यूएई और बहरीन में उत्तराखंड के प्रवासी अब रोजमर्रा की जिंदगी में डर के साथ जी रहे हैं. काम बंद होने से कमाई ठप है. कई लोग जरूरी सामान भी नहीं खरीद पा रहे. वे उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द शांति स्थापित हो और वे सुरक्षित घर लौट सकें. परिवार भारत में लगातार सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.