सऊदी अरब ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का और मदीना की सुरक्षा को बेहद मजबूत बना दिया है. हाल के समय में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ने के बाद सरकार ने इन शहरों के चारों ओर आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं. इनका मकसद आसमान से आने वाले किसी भी खतरे को पहले ही रोकना है, ताकि यहां रहने वाले लोगों और हर साल आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बनी रहे.
विशेषज्ञों के अनुसार मक्का और मदीना की सुरक्षा के लिए कई स्तरों वाली रक्षा व्यवस्था बनाई गई है. इसका मतलब है कि अगर कोई मिसाइल या ड्रोन एक सिस्टम से बच भी जाए तो दूसरा सिस्टम उसे रोक ले. इस तरह आसमान में एक मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है.
पैट्रियट PAC-3 सिस्टम इन शहरों की सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा माना जाता है. यह हवा में ही छोटी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की क्षमता रखता है. सऊदी अरब ने इस सिस्टम के कई इंटरसेप्टर तैनात किए हैं ताकि किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जा सके.
सऊदी अरब ने हाल के वर्षों में THAAD एयर डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय किया है. यह दुनिया के सबसे आधुनिक रक्षा सिस्टम में गिना जाता है. यह जमीन से बहुत ऊंचाई पर या वायुमंडल के बाहर भी मिसाइलों को निशाना बना सकता है. इससे मक्का और जेद्दा जैसे महत्वपूर्ण इलाकों की सुरक्षा और मजबूत हुई है.
ड्रोन हमलों को रोकने के लिए सऊदी अरब ने लेजर हथियार भी लगाए हैं. ये कुछ ही सेकंड में ड्रोन को नष्ट कर सकते हैं. हालांकि रेगिस्तान की धूल और मौसम कभी-कभी इनकी क्षमता को थोड़ा कम कर सकते हैं.
अगर कोई मिसाइल या ड्रोन बाकी सभी सुरक्षा सिस्टम से बच जाए तो उसे रोकने के लिए स्काईगार्ड 35 मिमी तोपें तैनात हैं. ये रडार की मदद से लक्ष्य को पहचानकर तुरंत हमला कर देती हैं.
हाल ही में सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक क्रूज मिसाइल और कई ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. इससे साफ है कि सुरक्षा व्यवस्था काफी प्रभावी साबित हो रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण मक्का और मदीना को नुकसान पहुंचाना बेहद मुश्किल है. सऊदी अरब का कहना है कि पवित्र शहरों की सुरक्षा उसके लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसके लिए आधुनिक तकनीक का पूरा उपयोग किया जा रहा है.