सावन के पावन महीने में हरिद्वार पहुंचे पांच एक्स-मुस्लिम श्रद्धालुओं का जत्था चर्चा का विषय बन गया है. यज्ञ के दौरान धर्मशाला में आपत्ति के बाद उन्हें स्थान बदलना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की.
गाजियाबाद से आए पांच एक्स-मुस्लिम श्रद्धालु हरिद्वार में गंगाजल लेने और कांवड़ यात्रा की तैयारी के लिए पहुंचे थे. दल में राजस्थान की तीन तलाक और कथित हलाला प्रकरण से जुड़ी अनीषा बानो भी शामिल हैं. समूह एक धर्मशाला में यज्ञ कर रहा था और 7 अगस्त को हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद रवाना होने की तैयारी में था.
इसी दौरान धर्मशाला प्रबंधन ने वहां अनुष्ठान किए जाने पर आपत्ति जताई. विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरा दल वहां से निकलकर दूसरे आश्रम में पहुंच गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं और सभी से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.
अनीषा बानो ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में कट्टरपंथ, तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ संदेश देना है. उन्होंने बताया कि उनका समूह इंसानियत और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर हरिद्वार आया है. उन्होंने यह भी कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था चुनने की स्वतंत्रता देता है. अनीषा ने दावा किया कि वह 7 अगस्त को अपने साथियों के साथ हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा शुरू करेंगी और गाजियाबाद पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी.
अनीषा बानो का कहना है कि विवाह के बाद पारिवारिक विवाद बढ़े और उन्हें तीन तलाक का सामना करना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर कथित रूप से हलाला के लिए दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया. इसके बाद उन्हें घर छोड़ना पड़ा और बच्चों से भी अलग होना पड़ा. उनका कहना है कि बाद में उन्होंने अपनी जीवनशैली बदलते हुए सनातन परंपरा को अपनाया. इस पूरे मामले में उन्होंने पहले भी कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक मंचों पर अपनी बात रखी थी.
धर्मशाला में हुए विवाद के बाद प्रशासन ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की सलाह दी गई है. आयोजकों के अनुसार, नए आश्रम में 6 अगस्त तक हवन-यज्ञ जारी रहेगा. इसके बाद 7 अगस्त को सभी श्रद्धालु हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर पैदल गाजियाबाद के लिए रवाना होंगे. प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी.