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15 जून को कैंची धाम में उमड़ेगा आस्था का महासागर, पहुंचेंगे एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु; जंगलों के बीच बनेगा खास रास्ता

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस के अवसर पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा, यातायात और भंडारे की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.

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Edited By: Babli Rautela
15 जून को कैंची धाम में उमड़ेगा आस्था का महासागर, पहुंचेंगे एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु; जंगलों के बीच बनेगा खास रास्ता
Courtesy: Social Media

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में स्थित बाबा नीम करौली महाराज का विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनने जा रहा है. 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह को लेकर मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है. देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि इस बार स्थापना दिवस पर रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है.

लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

मंदिर समिति के अनुसार इस वर्ष कैंची धाम में स्थापना दिवस के अवसर पर एक लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं. हर साल लाखों भक्त यहां आकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं, लेकिन इस बार भीड़ का आंकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है. बाबा नीम करौली महाराज की ख्याति दुनिया भर में फैली हुई है. कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी उनके विचारों और जीवन से प्रेरित रही हैं. इसी कारण विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं.

जंगलों के बीच तैयार होगा खास ट्रैकिंग रूट

इस बार श्रद्धालुओं को एक नया और अनोखा अनुभव देने के लिए प्रशासन ने विशेष ट्रैकिंग रूट तैयार करने की योजना बनाई है. यह रास्ता जंगलों और प्राकृतिक वातावरण के बीच से होकर गुजरेगा. भक्त पैदल यात्रा करते हुए हरियाली और पहाड़ों के बीच आध्यात्मिक अनुभव के साथ कैंची धाम तक पहुंच सकेंगे. वन विभाग को इस मार्ग की सफाई और मरम्मत का कार्य सौंपा गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. प्रशासन के अनुसार 14 और 15 जून को कैंची धाम क्षेत्र में निजी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थल, शटल सेवा और पैदल मार्ग की व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य यातायात को सुचारू बनाए रखना और भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना है.

भंडारे की तैयारियां जोरों पर

स्थापना दिवस से पहले ही बाबा के भक्त कैंची धाम पहुंचने लगे हैं. मंदिर परिसर में विशाल भंडारे की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. प्रसाद बनाने का कार्य लगातार चल रहा है और विशेष रूप से मालपुए तैयार किए जा रहे हैं. मंदिर समिति का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर की जा रही है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो.