उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित दधीचि अंगदान संकल्प अभियान के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अंगदान को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया. उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने के साथ अधिक लोग अंगदान का संकल्प ले रहे हैं. नड्डा के अनुसार, यह केवल चिकित्सा से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है. उन्होंने लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि देश में अंगदान के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि आधार से जुड़े सत्यापित अंगदान संकल्पों की संख्या पांच लाख से अधिक पहुंच चुकी है. उनके अनुसार, यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि समाज अब इस विषय को अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समझ रहा है. उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जागरूकता बढ़ेगी, उतने ही अधिक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की संभावना बनेगी.
#WATCH | Haridwar, Uttarakhand: At the Dadhichi organ donation pledge campaign, Union Minister Jagat Prakash Nadda says, "... As people are becoming more aware, organ donations have risen. More than 5 lakh verified pledges linked to Aadhaar have been made... When we discuss organ… pic.twitter.com/P2k6MzeN10
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 27, 2026
नड्डा ने कहा कि अंगदान पर चर्चा करते समय दो महत्वपूर्ण पहलू सामने आते हैं. पहला आध्यात्मिक दृष्टिकोण, जो सेवा और मानव कल्याण की भावना से जुड़ा है, जबकि दूसरा वैज्ञानिक पक्ष है, जिसमें दान किए गए अंगों का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाता है. उन्होंने कहा कि दोनों पहलुओं का संतुलन ही अंगदान की पूरी प्रक्रिया को सार्थक बनाता है और लोगों का विश्वास मजबूत करता है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंगदान का एक फैसला कई लोगों को नया जीवन दे सकता है. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, पारदर्शिता और भरोसे के माध्यम से अंगदान को जनआंदोलन बनाया जा सकता है. उनका कहना था कि यदि अधिक लोग आगे आएंगे तो भविष्य में हजारों मरीजों को समय पर जीवनरक्षक अंग उपलब्ध कराना संभव होगा.