उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश का असर कई जिलों में साफ दिखाई देने लगा है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जबकि प्रशासन भी संभावित खतरे वाले इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है. बारिश का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क यातायात, यात्राओं और पर्वतीय क्षेत्रों के सामान्य जनजीवन पर भी पड़ने लगा है. कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है.
मौसम विभाग ने नैनीताल और बागेश्वर जिले के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में येलो अलर्ट घोषित किया गया है. लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है.
पिछले तीन दिनों से जारी बारिश का असर पर्वतीय सड़कों पर भी देखने को मिला. बदरीनाथ हाईवे पर मलबा आने के कारण सुबह से शाम चार बजे तक यातायात बाधित रहा. इस दौरान करीब 10 हजार यात्री अलग-अलग स्थानों पर फंसे रहे. सिरोबगड़ क्षेत्र में भी लगभग छह घंटे तक मार्ग बंद रहने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
रतूड़ी सेरा क्षेत्र में गंगोत्री हाईवे का करीब 15 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे आवाजाही प्रभावित हो गई. वहीं हर्षिल में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने पर एहतियात के तौर पर जीएमवीएन गेस्ट हाउस, कोतवाली और एक होटल को खाली कराया गया. दूसरी ओर भारी बारिश को देखते हुए पिथौरागढ़ प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है.
लगातार बारिश से देहरादून के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार सुबह हुई झमाझम बारिश के बाद दोपहर में मौसम कुछ समय के लिए साफ हुआ. मौसम विभाग के अनुसार आज भी शहर में आंशिक बादल छाए रहेंगे और एक से दो दौर की हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है.
देहरादून का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आज अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है.