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उत्तराखंड के खिलाड़ियों की बल्ले-बल्ले, CM धामी ने दिए नौकरी के आदेश

उत्तराखंड सरकार राज्य की नई खेल नीति तैयार करने जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पदक विजेता खिलाड़ियों को समयबद्ध सरकारी नौकरी देने, खेल विश्वविद्यालय की गतिविधियां तेज करने और खेल ढांचे के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
उत्तराखंड के खिलाड़ियों की बल्ले-बल्ले, CM धामी ने दिए नौकरी के आदेश
Courtesy: ai generated

उत्तराखंड में खेलों को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में खिलाड़ियों के हितों से जुड़े कई अहम निर्देश दिए. उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तय समय के भीतर सरकारी नौकरी देने पर जोर दिया. इसके साथ ही राज्य की नई खेल नीति तैयार करने, खेल विश्वविद्यालय की गतिविधियों में तेजी लाने और राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किए गए ढांचे का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए.

खिलाड़ियों को समय पर सरकारी नौकरी देने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति निर्धारित समयसीमा के भीतर दी जाए. साथ ही ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा गया है जिससे अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही रोजगार के अवसर मिल सकें. सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और युवा खेलों की ओर अधिक आकर्षित होंगे. समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी जा चुकी है.

राष्ट्रीय खेल नीति के अनुरूप बनेगी नई व्यवस्था

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड की नई खेल नीति तैयार करने के निर्देश दिए. उनका कहना था कि बदलते समय और खेलों की नई जरूरतों को देखते हुए राज्य की नीतियों को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाना चाहिए. इसके अलावा गोलापार स्थित राज्य खेल विश्वविद्यालय में अगले महीने से शैक्षणिक सत्र शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विश्वविद्यालय समय पर अपनी गतिविधियां शुरू कर सके.

खेल ढांचे के रखरखाव और उपयोग पर विशेष ध्यान

38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान विकसित की गई खेल सुविधाओं के बेहतर उपयोग और रखरखाव को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुए खेल परिसरों का उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए नियमित रूप से होना चाहिए. इसके लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील खेल परिसर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ की खेल सुविधाओं के लिए अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए. सरकार चाहती है कि इन परिसरों का लाभ राज्य के अधिक से अधिक खिलाड़ियों तक पहुंचे.

39वें राष्ट्रीय खेलों और खेल योजनाओं पर फोकस

वर्ष 2027 में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और खेल संघों के सहयोग से प्रतिभा खोज अभियान तेज करने को कहा. उन्होंने ‘एक जिला-एक खेल’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया, ताकि हर जिले में चुने गए खेल को बढ़ावा मिल सके. अधिकारियों ने जानकारी दी कि ‘एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत अब तक 48 मिनी स्टेडियम तैयार किए जा चुके हैं और 10 अन्य निर्माणाधीन हैं. इसके अलावा लोहाघाट में बन रहे देश के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज और गोलापार स्थित खेल विश्वविद्यालय में खेल एवं शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.