पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश अब पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ाने लगी है. जगह-जगह भूस्खलन और चट्टानें टूटने की घटनाओं से सड़क संपर्क प्रभावित हो रहा है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दे रहा है. इसी बीच आदि कैलास यात्रा मार्ग पर आई एक बड़ी बाधा ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी. सड़क बंद होने से यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा. बाद में राहत कार्य के बाद मार्ग को आंशिक रूप से बहाल किया गया.
बुधवार रात हुई भारी बारिश के बाद आदि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलघाट के पास एक विशाल चट्टान टूटकर सड़क पर आ गिरी. मलबा फैलने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया. इसके कारण यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु धारचूला में ही रुक गए, जबकि यात्रा पूरी कर लौट रहे यात्रियों को भी घंटों तक इंतजार करना पड़ा.
प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया. गुरुवार दोपहर करीब दो बजे सड़क से मलबा हटाया जा सका, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हुई. हालांकि मलघाट क्षेत्र में पहाड़ी से अब भी पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे प्रशासन सतर्कता बरत रहा है.
भारी बारिश का असर केवल आदि कैलास मार्ग तक सीमित नहीं रहा. चीन सीमा को जोड़ने वाली दारमा घाटी सड़क पर पंपाबे के पास भी चट्टान टूटने से सड़क बाधित हो गई. देर शाम तक मार्ग नहीं खुल सका. इसके अलावा जिले की चार ग्रामीण सड़कें भी बंद रहीं, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
तवाघाट-थानीधार मोटर मार्ग 20 जून से बंद पड़ा है और गुरुवार को भी नहीं खुल सका. देवीसूना-खेतारकन्याल गराली मोटर मार्ग भी बाधित है, जिससे दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं. वहीं धारापानी और जाखनी गांव में दो मकानों के आंगन की दीवारें ढह गईं, जिससे दोनों मकान खतरे की जद में आ गए हैं.
गुरुवार को पिथौरागढ़ में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा कनालीछीना, धारचूला, देवलथल, बंगापानी, थल, डीडीहाट, गंगोलीहाट और बेरीनाग में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड हुई. प्रशासन ने लोगों से मौसम और सड़क की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.