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India Daily

ग्रामोत्थान परियोजना से आत्मनिर्भर बनी चमोली की अनिता, हर महीने कमा रहीं हजारों

उत्तराखंड की ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना से जुड़कर चमोली की अनिता देवी ने माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है. वे स्थानीय फलों से जूस व जैम बनाकर हर महीने 15,000 रुपए कमा रही हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ग्रामोत्थान परियोजना से आत्मनिर्भर बनी चमोली की अनिता, हर महीने कमा रहीं हजारों
Courtesy: X

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के संकल्प को उत्तराखंड में 'ग्रामोत्थान परियोजना' (रीप) पंख लगा रही है. चमोली जिले के नंदानगर विकासखंड स्थित पूर्णकिला गांव की निवासी अनिता देवी ने इस योजना की मदद से अपने गांव में ही स्वरोजगार का एक सफल मॉडल खड़ा किया है.

 माइक्रो फूड प्रोसेसिंग से बनीं उद्यमी

अनिता देवी 'प्रेरणा स्वयं सहायता समूह' और 'नंदादेवी स्वायत्त सहकारिता' से जुड़ी हैं. उन्होंने क्षेत्र में माल्टा, आंवला और बुरांश की प्रचुरता को देखते हुए माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की. ग्रामोत्थान योजना के तहत उन्हें वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण मिला, जिससे उन्होंने स्थानीय फलों से जूस, जैम और अचार जैसे उत्पाद तैयार करने शुरू किए.

15 हजार की मासिक आय और अन्य को रोजगार

अनिता देवी द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की स्थानीय बाजार में भारी मांग है. इससे वे हर महीने लगभग 15,000 रुपए की नियमित आय अर्जित कर रही हैं. स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ उन्होंने अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी इस काम से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया है.

रीप योजना की वित्तीय सहायता प्रणाली

ग्रामोत्थान परियोजना के तहत महिलाओं को 1 लाख से 3 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है, जिसमें सब्सिडी, बैंक ऋण और लाभार्थी का अंश शामिल होता है. अनिता देवी का कहना है कि इस योजना से मिले प्रोत्साहन ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वे अब अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं.